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बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ते वाहन, कोरिया की सड़कों पर बढ़ रहा खतरा

कोरिया/छत्तीसगढ़। जिले की सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के बाइक और कारों का बेखौफ घूमना आम बात हो गई है। यह स्थिति न केवल ट्रैफिक नियमों की खुली धज्जियां उड़ाती है बल्कि किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को भी जन्म देती है।

क्यों नहीं लगाते लोग नंबर प्लेट?

जांच और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार वाहन मालिकों द्वारा नंबर प्लेट न लगाने के कई कारण सामने आते हैं—

  1. नए वाहन का बहाना : कई लोग कहते हैं कि गाड़ी नई है और नंबर अभी तक जारी नहीं हुआ, जबकि RTO द्वारा टेम्परेरी रजिस्ट्रेशन (TR नंबर) दिया जाता है जिसे प्लेट पर लिखना अनिवार्य है।
  2. किश्त (EMI) नहीं भरना : कई वाहन फाइनेंस पर लिए जाते हैं। किश्तें नहीं भरने वाले लोग फाइनेंस कंपनी से बचने के लिए नंबर प्लेट नहीं लगाते ताकि वाहन ट्रैक न हो पाए।
  3. चालान और सीसीटीवी से बचने के लिए : कुछ वाहन मालिक ट्रैफिक चालान और कैमरे से बचने के लिए नंबर प्लेट हटा देते हैं।
  4. अपराध छिपाने का जरिया : अपराधी तत्व ऐसे वाहनों का इस्तेमाल करते हैं ताकि उनकी पहचान न हो सके।
  5. लापरवाही और दिखावा : कुछ लोग स्टाइल या शो-ऑफ के लिए नंबर प्लेट नहीं लगाते, या फिर fancy व छोटे साइज की प्लेट लगाते हैं जो मान्य नहीं हैं।
  6. टैक्स और बीमा से बचने का प्रयास : कुछ वाहन मालिक रोड टैक्स और बीमा से बचने के लिए बिना रजिस्ट्रेशन गाड़ियां चलाते हैं।
  7. पुलिस कार्रवाई में ढिलाई : ट्रैफिक पुलिस की सख्ती की कमी भी लोगों को खुलेआम नियम तोड़ने का मौका देती है।

जिम्मेदारी किसकी होगी?

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि बिना नंबर प्लेट वाला वाहन दुर्घटना करता है तो वाहन चालक और मालिक सीधे जिम्मेदार होंगे। वहीं ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग (RTO) की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करें।

बढ़ता खतरा

  • बिना नंबर प्लेट वाहन की वजह से दुर्घटना की स्थिति में वाहन की पहचान मुश्किल हो जाती है।
  • अपराधी भी ऐसे वाहनों का इस्तेमाल अपराध के बाद फरार होने में करते हैं।
  • सबसे बड़ा नुकसान आम नागरिकों की सुरक्षा पर खतरे के रूप में सामने आता है। जरूरत सख्त कार्रवाई की

जिले में ट्रैफिक पुलिस को लगातार अभियान चलाकर बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर रोक लगानी होगी। साथ ही फाइनेंस कंपनियों और RTO को भी ऐसी गाड़ियों की निगरानी करनी होगी। आम जनता को भी चाहिए कि वे ऐसे वाहनों की सूचना पुलिस को दें, ताकि समय रहते किसी अनहोनी को टाला जा सके।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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