
पुरी, 15 दिसंबर 2024 – श्रीमद्भागवत कथामृत ओड़िशा मंच द्वारा संचालित चतुर्थ वार्षिक समारोह रविवार को पुरी के सिद्ध बकुल मठ में भव्य आयोजन के साथ संपन्न हुआ। यह मंच 2020 के कोरोना काल से श्रीमद्भागवत पुराण के प्रचार-प्रसार हेतु संचालित हो रहा है।
हर दिन शाम 6 बजे मंच द्वारा जगन्नाथ दास कृत श्रीमद्भागवत पुराण का एक अध्याय ओड़िया भाषा में पुरी के प्रसिद्ध विद्वानों के मधुर गायन और प्रवचन के रूप में ऑडियो माध्यम से प्रकाशित किया जाता है। मंच के चार वर्ष पूर्ण होने पर इस वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
सुबह 6 बजे से पूजा और हवन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संत श्री संतोष चैतन्य महाराज जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्ध बकुल मठ के मठाधीश संत श्री ने की। मंच के सभापति श्री गोपाल कृष्ण सेनापति ने प्रवचन के माध्यम से भक्तों को श्रीमद्भागवत के महत्व से अवगत कराया।

छत्तीसगढ़ के नरेश पटेल का सम्मान
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के ग्राम पंचधार निवासी श्री नरेश पटेल को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथामृत ओड़िशा मंच से चार वर्षों तक जुड़कर न केवल श्रीमद्भागवत पुराण का नियमित श्रवण किया, बल्कि छत्तीसगढ़ के 35 अन्य लोगों को भी मंच से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संत श्री संतोष चैतन्य जी महाराज के करकमलों से श्री नरेश पटेल को प्रशस्ति पत्र, श्रीमद्भागवत पुराण, वस्त्र एवं प्रतीक चिह्न प्रदान किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ से श्री ईश्वर प्रसाद पटेल, क्षेमानिधि प्रधान, बरुण घनश्याम प्रधान और सुशील प्रधान भी उपस्थित थे।
भक्तों के लिए प्रेरणा
श्रीमद्भागवत कथामृत ओड़िशा मंच ने चार वर्षों में अध्यात्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस मंच के माध्यम से प्रतिदिन श्रीमद्भागवत पुराण का अध्ययन और श्रवण, देशभर के भक्तों के लिए प्रेरणादायक बन गया है।

सिद्ध बकुल मठ में बना आध्यात्मिक माहौल
सिद्ध बकुल मठ में आयोजित इस समारोह में भक्तों और विद्वानों की उपस्थिति ने इसे भक्ति और अध्यात्म का उत्सव बना दिया। आयोजन के दौरान मंच के योगदान को भी सराहा गया, जिसने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए श्रीमद्भागवत पुराण को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है।






