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शशकीय भूमि में अवैध खनन को छिपाने माफिया डलवा रहे फ्लाईएश,पर्यावरण अधिकारी के संरक्षण में चल रहा सुनियोजित खेल?

पहले सरकारी भूमि पर अवैध उत्खनन? फिर उसमें डाल रहे फ्लाईएश?

दोनो में मोटा माल कमा रहे है खनन माफिया,टिमरलगा के खदानो का भौतिक सत्यापन से खुल जायेगी पोल?

जिला प्रशासन को ठेंगा दिखा रहे है टिमरलगा के खनन माफिया?

सारंगढ़:- सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में अवैध उत्खनन को छिपाने के लिये बड़े स्तर पर खेल किया जा रहा है। रायगढ़ के क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल के संरक्षण में चल रहे इस बड़े स्तर के खेल में सारंगढ़ मे किया गया सरकारी जमीन के अवैध उत्खनन को छोट स्तर का गड्‌ढ़ा का नाम देकर उसमें फ्लाईएश भरने की अनुमति देकर बड़ा खेल किया जा रहा है जिसके मोटा माल कमाने मे खनन माफिया लगे हुए है।अवैध खनन का मामला को ही रफा-दफा किया जा रहा है। कुटेला, टिमरलगा, गुड़ेली, खर्री बड़े, कटंगपाली, बोंदा, नौघटा सहित क्षेत्र के कई ईलाको में फ्लाईएश कादरअसल रायगढ़ के पावर प्लांट से भारी मात्रा में उत्सर्जित फ्लाईएश का खपाने के लिये सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को चुना गया है। ट्रांसपोर्टरो का दबाव में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे रायगढ़ जिले का अपशिष्ट पदार्थ को खपाया जा रहा है। इससे ना सिर्फ पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है बल्कि सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले का डंपिंग जिला का नाम देकर जिले की छबि भी खराब किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रायगढ़ के खनन माफियाओ के द्वारा कुटेला, टिमरलगा, गुड़ेली, कटंगपाली, बोंदा, नौघटा सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में कई स्थानो पर सरकारी भूमियो और नदी-नालो किनारे के भूमि को अवैध उत्खनन कर दिया गया है। अब यदि इन सरकारी भूमियो का ट्रिगर जांच हो जाये और भौतिक सत्यापन हो जायेगा तो बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन का पोल खुल सकता है।ऐसे में सुनियोजित तरीके से सारंगढ़ के अवैध उत्खनन का बड़े लेयर के गड्‌ढ़े शो करते हुए पर्यावरण अधिकारी के साथ मिलीभगत करके ऐसे सरकारी जमीनो पर फ्लाईएश भरने का अनुमति प्राप्त कर रहे है जो कि भविष्य मे होने वाली जांच मे अवैध उत्खनन के रूप में पकड़ाई जा सकती है। बताया जा रहा है सरकारी भूमियो पर फ्लाईएश को भरने के लिये सरकारी फाईलो मे इसे बड़े लेयर या छोटे लेयर का गड्‌ढ़ा का नाम दिया जा रहा है तथा प्रतिवेदन बनाकर इसमे फ्लाईएश भरने का बड़ा काम उन्ही ट्रांसपोर्टरो के द्वारा लिया जा रहा है जिन्होने इस अवैध उत्खनन मे बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे करने से दो काम हो जा रहे है पहला अवैध उत्खनन का पूरा मामला रफा-दफा हो जा रहा है। मामला किसी भी स्तर पर गूंजे मौके पर अवैध खदान गायब मिलेगा। वही दूसरा पावर प्लांट कंपनियो का बड़े स्तर परफ्लाईएश को खपाने से मोटा कमाई खनन माफियाओ को होगा तथा ट्रांसपोर्टरो का बड़ा फायदा काम के रूप मे मिलेगा। अर्थात एक तीर से तीन शिकार होने से खनन माफियाओ को बड़ा फायदा इसमे मिलते हुए दिख रहा है। रायगढ़ जिले और सक्ती जिले के पावर प्लांटो से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ फ्लाईएश को बड़े स्तर पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे खपाया जा रहा है। इसके लिये अवैध खदानो काचुना गया है। क्योकि सरकारी रिकार्ड मे यह अवैध खदान वास्तविक में खदान के रूप मे दर्ज ही नही है। ऐसे मे पर्यावरण मानको के अनुरूप अनुमति देने मे कोई बड़ी आपत्ति भी सामने नही आयेगी। इस कार्य मे क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल के एक अधिकारी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है जिसके मार्गदर्शन और संरक्षण मे यह बड़ा खेल चल रहा है।अवैध उत्खनन का फाईल दफन?सारंगढ़ के टिमरलगा-गुड़ेली, कुटेला, खर्री बड़े में सरकारी भूमि पर बड़े स्तर पर धड़ल्ले से अवैध उत्खनन का काम किया गया है। बताया जा रहा है कि अवैध रूप से खदान से बड़े स्तर पर पत्थर निकाला गया है। अगर इस सरकारी भूमि के अवैध उत्खनन पर रायल्टी लिया जाता तो यह राशी करोड़ो रूपये मे होता। ऐसे कई साल तक अवैध उत्खनन करके मोटा माल खाने वालो को चिंता सताने लगी कि ट्रिगर जांच या भौतिक सत्यापन का जांच होने पर उनका यह अवैध उत्खनन का बड़ा खेल आज नही तो कल पकड़ा जायेगा। ऐसे मे फ्लाईएश को खपाने का मौका मिला और अवैध उत्खनन को पूरी तरह से ढ़क दिया गया तथा फ्लाईएश खपाने के बहाने लाखो रूपये का मोटा माल कमा लिये। इस सुनियोजित खेल में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार और राजस्व विभाग के बड़े चेहरो के साथ-साथ खनिजऔर पर्यावरण विभाग के नामी गिरामी चेहरे शामिल है जो कि अवैध उत्खनन का बड़ा खेल को खत्म करने पर उतारू हो गये है।सारंगढ़-बरमकेला फ्लाईएश का डंपिंग यार्ड?सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ विकासखंड़ और बरमकेला विकासखंड़ के सैकड़ो वैध-अवैध खदानो में लाखो टन फ्लाईएश का डंप कर दिया गया है। रायगढ़ के पावर प्लांट से निकले इस अपशिष्ट फ्लाईएश को निदान के लिये सारंगढ़-बरमकेला के अवैध खदान श्रेष्ठ विकल्प के रूप में सामने दिख रहा है। इसकार्य से भले ही सारंगढ़ और बरमकेला के पर्यावरण संतुलन पर खतरा बन गया है और जलीय पर्यावरण तहस-नहस हो गया है लेकिन मोटा मुनाफा से ट्रांसपोर्टरो और अवैध खनन करने वालो को बेहद कमाई हुआ है। बताया जा रहा है कि इस खेल से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला फ्लाईएश का डंपिंग यार्ड बन गया है।कमाई करने वाले पावर प्लांट अपने कचरे को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में फेक रहे है और सारंगढ़वासी कुछ कर भी नही पा रहे है।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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