
दानव करवट पहाड़ की तलहटी में विराजमान मां दुर्गा के दर्शन को पहुंच रहे श्रद्धालु, बरमकेला क्षेत्र में भक्तिमय माहौल
बरमकेला, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़। शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बरमकेला से करीब एक किलोमीटर दूर दानव करवट पहाड़ की तलहटी में मुख्य मार्ग पर स्थित मां दुर्गा मंदिर में भी सुबह से भक्तों की आवाजाही बनी हुई है। लगभग 54 साल पुराने इस मंदिर में माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आसपास के गांवों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है।
सप्तमी पर मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना
नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचकर फूल-माला, नारियल और प्रसाद अर्पित कर रहे हैं। भक्त परिवार की सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना के साथ माता से आशीर्वाद मांग रहे हैं। मंदिर परिसर में मां के जयकारों और घंटियों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

पांच दशक से अधिक पुरानी है मंदिर की परंपरा
बरमकेला के समीप दानव करवट पहाड़ की तलहटी में स्थित यह मंदिर वर्षों से स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। करीब साढ़े पांच दशक पुराने इस मंदिर से आसपास के ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हुई हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण राहगीर भी रुककर माता के दर्शन करते हैं और आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ते हैं।

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नवरात्रि में भक्तिमय हुआ बरमकेला क्षेत्र
नवरात्रि के सातवें दिन क्षेत्र के देवी मंदिरों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ माता की आराधना कर रहे हैं। दानव करवट पहाड़ की तलहटी में स्थित मां दुर्गा मंदिर भी आस्था, परंपरा और धार्मिक विश्वास का प्रतीक बना हुआ है। वर्षों से चली आ रही पूजा-अर्चना की परंपरा के चलते इस मंदिर का धार्मिक महत्व आज भी कायम है।
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