कानूनक्राइम

बरमकेला के अपेक्स बैंक में अधिकारी और  कर्मचारियों की मिलीभगत कर 50 लाख रुपये का हेरा फेरी


पाँच कर्मचारी बर्खास्त, सिक्योरिटी गार्ड्स से ही करवा रहे थे वित्तीय कार्य, लिपिक सस्पेंड, अभी तक नहीं कराई गई है एफआईआर?

सिक्योरिटी गार्ड का पावर बैंक मैनेजर से भी अधिक रुतबा में चलता था।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला अपेक्स बैंक ब्रांच में बहुत सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपेक्स बैंक के मैनेजर, लिपिक समेत अन्य कर्मचारियों ने आर्थिक अनियमितता के रिकॉर्ड बना दिए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक कई समितियों के एकाउंट से राशि आईएमपीएस के जरिए अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर ली। डीएमआर खातों में नियम विपरीत एवं संदिग्ध ट्रांजेक्शन व नकद आहरण करने, समिति के केसीसी खातों को अनाधिकृत रूप से नामे कर राशि अंतरण किया गया है। शाखा प्रबंधक डीआर बाघमारे, लेखाधिकारी मीनाक्षी मांझी और लिपिक आशीष पटेल की संलिप्तता पाई गई है।


अपेक्स बैंक कई सालों से सहकारी समितियों का खून चूसने में लगा है। इसके अधिकारियों व कर्मचारियों ने समितियों को अवैध कमाई का जरिया बना लिया है। बरमकेला ब्रांच में तो हद ही हो गई है। 4 एवं 5 नवंबर को करोड़ों रुपयों के संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए गए। जिसकी जानकारी मुख्यालय को मिलने पर तत्काल जांच की गई। इसमें आर्थिक अनियमितता सामने आ गई। 8 नवंबर को देर रात अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक केएन कांडे लिपिक आशीष पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह राशि करोड़ों में होने का अनुमान है। यह भी सवाल उठे हैं कि एक ही ब्रांच में तीन-चार सिक्योरिटी गार्ड्स की भर्ती कैसे की गई। उनको वित्तीय कार्य कैसे दिए गए? जबकि आउटसोर्स कर्मचारियों को बैंक के वित्तीय कार्यों में उपयोग नहीं किया जा सकता।


बरमकेला के अपेक्स बैंक में लाखों रुपए की हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है जिसमें पांच आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही अपेक्स बैंक के एक लिपिक को भी सस्पेंड कर दिया गया है। अपेक्स बैंक अब मामले को दबा रहा है क्योंकि ब्रांच मैनेजर दिगम्बर बाघमारे की संलिप्तता भी सामने आई है। सहकारी समितियों की वित्तीय कमान संभालने वाले अपेक्स बैंक ने खुद ही बैंक एकाउंट में डाका डाला है। पहले तो आउटसोर्स कर्मचारियों की गलत तरीके से भर्ती करवाई। फिर इनको वित्तीय कार्य में भी लगाया।
अपेक्स बैंक बरमकेला ब्रांच में इतना बड़ा कांड सामने आने के बाद से बैंक प्रबंधन अपनी साख बचाने में लगा हुआ है। समितियों के एकाउंट से लंबे समय से गबन का खेल चल रहा है। बरमकेला और सारंगढ़ ब्रांच अभी भी रायगढ़ मुख्य ब्रांच से नियंत्रित होता है। प्रारंभिक जांच में 50 लाख रुपए का गबन प्रमाणित हुआ है। ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जाती है। लाखों-करोड़ों के गबन के इस मामले में अपेक्स बैंक में सन्नाटा पसरा है। मामले को दबाने का प्रयास हो रहा है।


लेखाधिकारी की अनुपस्थिति में ब्रांच मैनेजर बाघमारे ने सुनियोजित तरीके से उसकी आईडी से गबन कराया गया है। आशीष पटेल को तुरंत सस्पेंड किया गया। इसके बाद ब्रांच में काम कर रहे प्राइवेट एजेंसी के आउटसोर्स कर्मचारी भी हटाए गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक सीडीओ सिक्योरिटीज एंड पब्लिक हेल्पलाइन सर्विस ने बरमकेला ब्रांच में पांच कर्मचारियों को भेजे थे। इसमें से लिकेश बैरागी डाटा एंट्री ऑपरेटर, रमाकांत श्रीवास डाटा एंट्री ऑपरेटर, अरुण चंद्राकर सिक्योरिटी गार्ड, खीरदास महंत सिक्योरिटी गार्ड और संजीव मानिकपुरी सिक्योरिटी गार्ड है। इन पांचों की सेवा समाप्त कर दी गई है।


बरमकेला के अपेक्स बैंक में कर्मचारियों ने मिलीभगत कर 50 लाख रुपये का किया गबन!


बर्खास्त कर्मचारियों के नाम लिकेश बैरागी, डाटा एंट्री ऑपरेटर,रमाकांत श्रीवास, डाटा एंट्री ऑपरेटर,अरुण चंद्राकर, सिक्योरिटी गार्ड,खीरदास महंत, सिक्योरिटी गार्ड संजीव मानिकपुरी, सिक्योरिटी गार्ड

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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