
रायगढ़:- शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ.ललित प्रकाश पटैरिया राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर स्थल में पहुंचकर शिविरार्थी छात्र -छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए शिविर की गतिविधियों से अवगत हुए और अपने उद्बोधन के माध्यम से राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम व गतिविधियों को समाज के लिए प्रेरक बताया प्रोफेसर पटैरिया ने उद्बोधन के दौरान एनएसएस के वॉलिंटियर्स को कहा कि विद्यार्थी जीवन सबसे स्वर्णिम काल होता है और इस उम्र में आप अपने भविष्य को कर सकते हैं आपको भविष्य के लिए कुशल और दक्ष बनाने के उद्देश्य से ही राष्ट्रीय सेवा योजना जैसे संगठनों की स्थापना की गई है क्योंकि जिस देश का भविष्य दक्ष और योग्य बन ने के राह पर होता है वहां का वर्तमान संतुष्ट होता है । आप लोग देश की भविष्य है और अपने आप को दक्ष बना रहे हैं । उक्त बातें कहते हुए शहीद नंदकुमार पटेल के विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ.ललित प्रकाश पटेरिया ने यह भी कहा कि मैं अपने कुलपति होने के नाते आपके एनएसएस इकाई का संरक्षक व मार्गदर्शक हूं इस दायित्व के कारण मुझे आपके बीच आना ही होता और यहां आना मैं किसी औपचारिकता या मान सम्मान के लिए नहीं आपको अपना समझने के कारण आया हूं । कुलपति डॉक्टर पटेरिया ने छात्र-छात्राओं के बीच अपना समय बिताते हुए उन्हें अपना अनुभव सुनाया तथा छात्र-छात्राओं के मन में उठने वाले जिज्ञासाओं को सवाल- जवाब के माध्यम से बहुत ही सुंदर ढंग से समाधान भी किया किसी छात्रा ने पूछा कि अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें क्या करना चाहिए तो किसी ने पूछा कि आप अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए व्यस्तता के बावजूद भी शांत कैसे रहते हैं तो कुछ छात्रों ने पूछा कि हमें सफलता कैसे मिल सकती है ?कुलपति पटेरिया जी ने सभी सवालों का बहुत ही बेहतर ढंग से जवाब देते हुए छात्र-छात्राओं के बीच एक परिवार के मुखिया की तरह उनको अपनत्व प्यार देकर संतुष्ट किया ।कुलपति पटैरिया ने तारापुर हायर सेकेंडरी स्कूल के एनएसएस इकाई की तारीफ करते हुए कहा कि आपके रासेयो कार्यक्रम अधिकारी बहुत ही कुशल श्रेष्ठ तथा सक्रिय कार्यक्रम अधिकारी हैं उनको राज्य में श्रेष्ठ कार्यक्रम अधिकारी का पुरस्कार मिल चुका है तथा आपके स्कूल की एनएसएस इकाई पूरे प्रदेश में श्रेष्ठ संस्थान के रूप में सम्मानित हो चुकी है । विश्वविद्यालय के कुलपति को अपने बीच पाकर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक अत्यंत ही हर्षित थे तथा कुलपति महोदय भी अपने पद की उत्कृष्टता को किनारे करते हुए बच्चों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी भी कराई तथा उन्हें विशेष रूप से आशीर्वाद भी दिया ।

दिवंगत व्याख्याता अंतर्यामी चौधरी के शोक संतप्त परिजनों से भी मिले
ग्राम टेका निवासी स्व.अंतर्यामी चौधरी के दसकर्म दिवस को सायंकाल उनके निवास गृह पहुंचकर कुलपति डॉ. ललित प्रकाश पटैरिया ने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया तथा उनके पुत्र पुत्री व परिजनों से मिलकर स्वर्गीय चौधरी से जुड़ी हुई यादों को सुनाया।श्री पटैरिया ने स्वर्गीय अंतर्यामी चौधरी को एक सहज सरल एवं मिलनसार व्यक्तित्व के साथ हमेशा पॉजिटिव सोच रखने वाला व्यक्तित्व बताया। विदित हो कि ग्राम के का निवासी अंतर्यामी चौधरी कोतरा हायर सेकेंडरी स्कूल से सेवानिवृत्त हुए थे अपनी सेवानिवृत्ति के पश्चात वे विश्वविद्यालय के विभिन्न सलाहकार समितियों में यथा स्मृति ग्रंथ प्रकाशन समिति के सदस्य एवं गोधन न्याम योजना समिति ग्राम पंचायत पचेड़ा के अध्यक्ष रहने के साथ-साथ एक रचनात्मक व्यक्तित्व के धनी थे ।






