
शंख ध्वनि,झांझ-मंजीरे, जय जगन्नाथ’ और ‘हरिबोल’ के उद्घोष से गूंज उठा पूरा मानिकपुर गांव
बरमकेला:- आज क्षेत्र के प्रसिद्ध ग्राम बड़े मानिकपुर में आस्था, श्रद्धा और उल्लास का अपूर्व संगम देखने को मिला। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर जगत के नाथ भगवान जगन्नाथ,भैया बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकले। इससे पूर्व, मानिकपुर में वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार सुबह मंदिर में हवन पूजन संपन्न हुआ। तत्पश्चात सायंकाल में महाप्रभु के रथ के सामने ‘छेरापहरा’ रथ के आगे झाड़ू से बुहारने की पवित्र रस्म पूरे विधि-विधान और भक्तिभाव से संपन्न की गई।छेरापहरा की रस्म पूरी होते ही जैसे ही भगवान जगन्नाथ, बलदेव जी और सुभद्रा माई को जयकारों के बीच रथ पर आरूढ़ कराया गया, पूरा मानिकपुर ‘जय जगन्नाथ’ और ‘हरिबोल’ के उद्घोष से गूंज उठा। शंखध्वनि, झांझ-मंजीरे और पारंपरिक बाजों की थाप पर श्रद्धालु झूम उठे।भगवान के दर्शन और रथ खींचने के लिए मानिकपुर सहित आसपास विश्वासपुर,कुधरगढ़ी,धोबनीपाली सहित ग्रामीण अंचलों से श्रद्धालु जन पहुंचे थे।”मान्यता है कि रथ पर सवार महाप्रभु के दर्शन मात्र से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।”रथयात्रा मानिकपुर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुंडिचा मंदिर (मौसी मां के घर) के लिए डीपापारा बस्ती रामगोपाल पटेल जी के निवास रवाना हुई। जगह-जगह ग्रामीणों ने पूजन अर्चन और आरती उतारकर भगवान का स्वागत किया। इस पावन अवसर पर ग्राम के गौंटिया श्री प्रेमकिशोर पटेल, श्री रामगोपाल पटेल,श्री नरेश पटेल, श्री जवाहिर पटेल,श्री रामसागर पटेल,श्री नंदलाल पटेल, श्री गिरजा पटेल,श्री संजय पटेल,श्री विजय पटेल,श्री विनोद पटेल,श्री प्रियांशु पटेल सहित भारी संख्या में गांव की माता बहिनों की उपस्थिति रही।






