
डोंगरीपाली/डोंगरीपाली कोठीखोल आदिवासी बाहुल्य छेत्र में होली पर्व में इस फागुन का ये रंगीन उत्सव उल्लास समरसता एवं सद्भाव के पर्व होली पर्व की इस बार बहुत ही उत्साह के साथ सभी ने मिलकर ढोल नगाड़े,डीजे के साथ खेला है।

होलिका ने भक्त प्रहलाद को गोद मे बिठाकर जलते हुये आग में बैठ गई।क्योंकि उसे घमंड था की मैं आग में बैठकर भी अमर रहूंगा मुझे आग छू भी नही सकती।पर ऐसा हुआ नही होलिका जल गई और भक्त प्रहलाद बच गए।

आखिर सत्य की विजय हुई।तब से होली के इस महान पर्व को लोगों ने अति उत्साह के साथ पूरे विधि विधान के साथ रंगों में डूब जाते हैं और खुशियों के साथ मनाते हैं।

इसी प्रकार वनांचल छेत्र डोंगरीपाली,आमापाली,कोकबहाल,कदलिसरार ,झिकिपाली,पुरेनपाली,पतेरपाली, गौरडीह,लेनधारजोरी, एवम पूरे क्षेत्र में डीजे बाजे गाजे के साथ एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर भाई चारे का संदेश देते धूमधाम के साथ होली खेली गई।जिसमे छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश महासचिव संकीर्तन नंद ने पूरे शिक्षक जगत सहित समस्त प्रदेशवासियों ,क्षेत्र वासियों को होली की बधाई शुभकामनाएं दी।






