
बिलाईगढ़ 20 मार्च 2023 : बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम जुनवानी में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षिका ललिता भास्कर के ऊपर फर्जी अंकसूची में नौकरी करने का गंभीर आरोप लगा है । प्रार्थी संतोष जायसवाल कोतमरा निवासी ने इसके लिए सारंगढ़ बिलाईगढ़ के कलेक्टर को दिनांक 30 अक्टूबर 2022 को ज्ञापन सौंपकर उन पर उचित कार्यवाही करने की मांग की है । जिसके बाद कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बिलाईगढ़ विकास खंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षिका ललिता भास्कर की अंकसूची की जांच करने के लिए कहा है। लेकिन अब तक इस पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई बिलाईगढ़ विकास खंड शिक्षा अधिकारी सत्यनारायण साहू ने बताया कि उनके द्वारा जनपद पंचायत बिलाईगढ़ में शिक्षिका लेता भास्कर की नियुक्ति के समय दिए गए दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई है लेकिन अब तक जनपद पंचायत के अधिकारी उनके दस्तावेज की जानकारी नहीं दे पाए हैं जिसकी वजह से कार्यवाही में विलंब हो रहा है ।

वहीं सूत्रों की माने तो बिलाईगढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी भी शिक्षिका से मिले हुए हैं और दूसरे प्रदेश से उनका पुनः अंकसूची बनवा कर उनके नियुक्ति के समय दिए गए दस्तावेजों को बदल दिया गया है । लेकिन इस बात की पुष्टि अभी नहीं हुई है जब तक शिक्षिका ललिता भास्कर की अंकसूची विकास खंड शिक्षा अधिकारी को नहीं मिल जाती और इसका जांच जिस संस्था से अंकसूची जारी हुआ है उस संस्था के द्वारा नहीं किया जाता तब तक कहा नहीं जा सकता फिलहाल विकास खंड शिक्षा अधिकारी सत्यनारायण साहू ने जल्द ही जांच कर उचित कार्यवाही करने की बात कही है ।

अब तक कार्यवाही नहीं होने से अधिकारियों के कार्यशैली ऊपर उठ रहा सवाल
बिलाईगढ़ विकासखंड में शिक्षिका ललिता भास्कर की नियुक्ति 2008 में होने की जानकारी मिली है मतलब कहा जाए तो उन्हें स्कूल में पढ़ाते हुए करीब 14 साल हो गए हैं लेकिन अधिकारियों के द्वारा अब तक उनकी दस्तावेजों के बारे में जानकारी नहीं जुटा पाए हैं या कहें जानकारी मिलने के बाद सेटलमेंट कर प्रशासन के आंख में चोली खेल कर जिला प्रशासन को धोखा दे रहे हैं और तथाकथित फर्जी शिक्षिका के साथ देकर बच्चों के भविष्य के साथ साथ बेरोजगारों का हक छीनने का काम कर रहे हैं । इन अधिकारियों के ऊपर कार्यवाही भी होना चाहिए ताकि गलत का साथ देने वाले अधिकारियों का मनोबल कम हो सके ।






