
यादें तो याद बन के रह जाती हैं..!
रायगढ़:- जनवरी महीने के अंतिम इंदिरा बिहार रायगढ़ में कई वर्षों बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरिया के 1998बैच के सत्रह विद्यार्थी सपरिवार शामिल होकर खुशी से झूम उठे इस तरह से एक साथ मिलना एक यादगार पल है सभी अलग अलग जगह एवं अलग अलग कार्यक्षेत्र में रह कर भी एक साथ सपरिवार शामिल होना बहुत ही मेहनत लगन और एक दूसरे की मिलने की ललक को दर्शाता है सबसे अच्छी बात यह रही की सभी ने मिलकर स्वल्पाहार एवं भोजन खुद बनाए।

सभी ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए मस्ती में झूम उठे भोजन के पश्चात् सभी ने गानों की धुन पर नृत्य करते हुए खुशियां जाहिर करते हुए कार्यक्रम रखा गया था बच्चों का कुछ खेल रखा गया था जिसमें बच्चे भाग लिए एवं सभी सहपाठियों एवं परिवार वालों ने भी भाग लेकर खुब मस्ती करते हुए सभी को इनाम भी वितरण किया गया। कुछ सहपाठी जो दूर में रहते हैं उन्होंने विडियो कालिंग के माध्यम से चर्चा एवं मिलना हुआ जो नहीं आ पाए उनको सभी ने याद करते हुए भूली बिसरी यादों के साथ याद किया गया।

उपासना ठाकुर जो शुरू से अंतिम तक मेहनत की थी सभी सहपाठियों को धन्यवाद ज्ञापित की वहीं अजय अग्रवाल ने परिवार मिलन समारोह में आए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आगामी बहुत जल्दी फिर से एक भव्य समारोह होना बताया वहीं भोजन स्वल्पाहार की जवाबदारी प्रमोद प्रधान एवं ओमप्रकाश पटेल ने संभाला था कई वर्षों बाद सहपाठियों से सपरिवार मिले और खुशियां मनाई गई।
इस तरह का मिलना तो बहुत समय से कोशिश चल रहा था इसकी शुरुआत कुछ इस तरह से हुई सर्वप्रथम अरविन्द पटेल एवं कमल प्रधान ने वाट्सअप ग्रुप बनाकर सभी को एक सुत्र में बंधने का काम किया उसके बाद सभी के प्रयास से परिवार मिलन समारोह इंदिरा बिहार रायगढ़ में संपन्न हुआ।






