कृषिसामाजिक

जिंदल फाउंडेशन और जेपीएल तमनार ने शुरू की पशुपालन परियोजना: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

तमनार, रायगढ़। जिंदल फाउंडेशन, जेपीएल तमनार और शासकीय पशु चिकित्सा केंद्र, तमनार ने मिलकर ग्रामीण किसानों और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए ‘पशुपालन परियोजना’ की शुरुआत की। यह परियोजना गारे पालमा माइंस क्षेत्र के ग्राम टपरंगा में शुरू की गई, जिसका लक्ष्य पशुधन के स्वास्थ्य, टीकाकरण, उपचार और समग्र विकास के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

इस परियोजना के तहत गाय, बैल और बकरी जैसे पशुओं के लिए टीकाकरण, बधियाकरण, बांझपन उपचार और गर्भ परीक्षण जैसी विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान की जाएंगी। परियोजना का प्रारंभिक चरण 450 किसान परिवारों को लक्षित करेगा।

शुभारंभ समारोह में गणमान्य उपस्थित
शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि श्री रमेश बेहरा (जिला पंचायत सदस्य, रायगढ़), श्री सुरेंद्र सिदार (अध्यक्ष, लघु वनोपज समिति), श्री यशपाल बेहरा (प्रबुद्ध नागरिक, धौराभाठा), श्री राजेश दुबे (उपाध्यक्ष), श्री राजेश रावत (सहायक महाप्रबंधक, जेपीएल तमनार), श्री सुरेश डनसेना (उपप्रबंधक, जेपीएल तमनार), डॉ. बी.पी. सिदार (विकासखंड मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, तमनार) और डॉ. जे.एल. कुशवाहा (उपनिदेशक, सेवानिवृत्त) सहित सैकड़ों पशुपालक और ग्रामीण शामिल हुए।

परियोजना के उद्देश्य और लाभ
श्री राजेश रावत ने परियोजना के लक्ष्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल पशुपालकों की मांग पर शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य उनकी आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करना है। श्री सुरेंद्र सिदार ने बताया कि यह परियोजना पशुओं के रोगों का त्वरित उपचार सुनिश्चित कर पशुपालकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी।

पशु चिकित्सकों डॉ. जे.एल. कुशवाहा और डॉ. बी.पी. सिदार ने मौसमी रोगों जैसे खुरपका, मुँहपका, झनकाहा और सरसा के उपचार और रोकथाम पर जानकारी दी। मुख्य अतिथि श्री रमेश बेहरा ने कहा, “पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह परियोजना रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

  • टीकाकरण और चिकित्सा शिविर: पशुओं को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए नियमित शिविर।
  • उच्च नस्ल के पशु: लाभार्थियों को बेहतर नस्ल के दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • प्रशिक्षण: पशु चारा उत्पादन और आधुनिक पशुपालन तकनीकों पर प्रशिक्षण।
  • आर्थिक सशक्तिकरण: ग्रामीणों की आय बढ़ाने और रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य।

ग्रामीणों में उत्साह
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों और ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह परियोजना पशुपालकों के लिए आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाएगी। जिंदल फाउंडेशन और जेपीएल तमनार की यह पहल ग्रामीण विकास और पशुपालकों के सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित होगी।

आपको यह पोस्ट कैसा लगा ? समीक्षा जरूर दें!

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button