कानूनशिक्षासामाजिकसुरक्षास्वास्थ्य

NHM कर्मचारियों का हल्ला बोल: नियमितीकरण का वादा जुमला, स्वास्थ्य सेवाएं ठप,अब

माननीयों की उतारी गई आरती, मनोकामना में ग्रेड पे सहित कर्मचारी हित की लिखित आदेश की मांग

छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ जिला रायगढ़ का निशर्त समर्थन प्राप्त

रायगढ़,:- छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16,000 से अधिक कर्मचारी, जिनमें रायगढ़ के 550 कर्मचारी शामिल हैं, अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 18 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को ताले की चपेट में लाकर मरीजों को भटकने पर मजबूर कर दिया है। रात्रिकालीन प्रसव सेवाएं, ऑपरेशन थिएटर, SNCU, ब्लड बैंक और लैब सेवाएं ठप हैं, और उप स्वास्थ्य केंद्रों व शहरी स्वास्थ्य इकाइयों में सन्नाटा पसरा है।

“भगवान” के वादे और टूटी आस
जुलाई 2023 में रायपुर में NHM मंच पर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, श्री ओपी चौधरी और श्री श्याम बिहारी जायसवाल को कर्मचारियों ने “भगवान” की तरह पूजा। बदले में, नेताओं ने जोर-शोर से घोषणा की: “NHM नियमितीकरण का रास्ता भाजपा सरकार से होकर निकलता है।” 100 दिनों में कमेटी बनाकर नियमितीकरण का वादा वायरल वीडियो में गूंजा, मगर दो साल बाद यह वादा सिर्फ “माया” साबित हुआ। कर्मचारी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं, और सरकार का दावा कि “पांच मांगें मान ली गईं” खोखला जुमला है, क्योंकि लिखित आदेश गायब हैं और नीतियां छलावे से भरी हैं।

तीज पर भी तीखा तेवर
26 अगस्त 2025 को तीज के पावन त्योहार के बावजूद, महिला कर्मचारियों ने धरना स्थल पर भारी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराई और अपनी मांगों को बुलंद किया। यह दिखाता है कि कर्मचारियों का गुस्सा और संकल्प “दिव्य वादों” से कहीं बड़ा है।

NHM कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगें

  1. नियमितीकरण और स्थायीकरण: कर्मचारियों को नियमित दर्जा दो, वादों का मायाजाल तोड़ो!
  2. पब्लिक हेल्थ कैडर: स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कैडर बनाओ, कागजों में मत घुमाओ!
  3. ग्रेड पे का हिसाब: स्पष्ट ग्रेड पे नीति कब, या सिर्फ आलमपनाह का इंतजार?
  4. 27% वेतन वृद्धि: लंबित वेतन वृद्धि कब, या यह भी “दिव्य वचन” बनकर रह गया?
  5. पारदर्शी मूल्यांकन: कार्य मूल्यांकन में धांधली बंद, निष्पक्षता का सुदर्शन चक्र चलाओ!
  6. नियमित भर्ती में आरक्षण: NHM कर्मचारियों को भर्ती में हक दो, बहाने बंद करो!
  7. अनुकम्पा नियुक्ति: परिजनों को नियुक्ति दो, दिलासे से पेट नहीं भरता!
  8. मेडिकल और अन्य अवकाश: चिकित्सा अवकाश सिर्फ गंभीर बीमारी तक क्यों? जिला स्तर पर मंजूरी दो!
  9. स्पष्ट स्थानांतरण नीति: रिक्त पदों की सूची छिपाना बंद, पारदर्शिता का नारायण बनो!
  10. 10 लाख का कैशलेस बीमा: बीमा नीति कब, या कर्मचारी सिर्फ “भक्ति” में डूबे रहें?

सरकार से तीखे तीर

  • चिकित्सा अवकाश: गंभीर बीमारी तक सीमित क्यों? जिला स्तर पर मंजूरी का रास्ता कहां?
  • टर्मिनेशन नीति: बिना जांच कितनों को निकाला? पारदर्शिता का “दिव्य दर्शन” कब?
  • स्थानांतरण नीति*: रिक्त पदों की सूची छिपाने का “चक्रव्यूह” क्यों?
  • *कैशलेस मेडिकल सुविधा: 10 लाख बीमा की नीति कब? वेलफेयर फंड की लेप्स राशि का हिसाब दो!
  • ग्रेड पे: लिखित आदेश का “मोक्ष” कब मिलेगा?

हड़ताल का तांडव और चेतावनी
हड़ताल ने स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह लकवाग्रस्त कर दिया है। मरीज सड़कों पर भटक रहे हैं, और कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन का “सुदर्शन चक्र” और तेज होगा, और स्वास्थ्य व्यवस्था को “महाप्रलय” का सामना करना पड़ेगा!

NHM कर्मचारी संघ की मांग
छत्तीसगढ़ NHM कर्मचारी संघ मांग करता है कि सरकार तत्काल कमेटी बनाए, नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करे, और सभी 10 मांगों पर लिखित आदेश जारी करे। कोविड-19 योद्धा और 20 साल से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने कर्मचारियों को और ठगना बंद करो, “भगवान” अब जागो!

आगे का रण
संघ ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। सरकार से तुरंत संवाद और कार्रवाई की उम्मीद है, वरना “दिव्य दरबार” को कर्मचारियों का गुस्सा झेलना पड़ेगा!

आपको यह पोस्ट कैसा लगा ? समीक्षा जरूर दें!

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button