
उत्कल समाज का सामाजिक संस्कृति भी छत्तीसगढ़ कला संस्कृति का हिस्सा := शंकरलाल अग्रवाल

रायगढ़:- सनातन संस्कृति के कीर्तन मंडलियों को छत्तीसगढ़ कला संस्कृति में शामिल करने तथा कीर्तन मंडलियों को प्रोत्साहित करने की मांग को लेकर रायगढ़ के ख्याति प्राप्त समाजसेवी व कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण के कोषाध्यक्ष शंकरलाल अग्रवाल ने सांस्कृतिक मंत्री से मुलाकात की है। समाजसेवी शंकरलाल अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार के सांस्कृतिक मंत्री अमरजीत भगत से रायपुर में मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा है। उन्होंने अपने आवेदन व मांग पत्र में सरकार के ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ उत्कल समाज उड़िया भाषा, कोलता समाज तथा बांग्ला भाषा के नागरिक छत्तीसगढ़ के मूल निवासी है। इनका सामाजिक संस्कृति भी छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति का धरोहर है। छत्तीसगढ़ में निवास रत विभिन्न जाति धर्म संप्रदाय के भांति इस समाज का भी एक मूल समाजिक संस्कृति है। यह संस्कृति भी छत्तीसगढ़ के कला एवं संस्कृति का हिस्सा है। जो आज शासन स्तर पर किसी प्रकार का प्रोत्साहन नहीं मिलने के कारण विलुप्तप्रणय स्थिति में है।

लेकिन इस कला संस्कृति का आयोजन बस्तर से लेकर सरगुजा तक ग्रामीण अपने स्तर पर समय-समय पर आयोजित करते हैं प्रदेश के सर्व समाज इस संस्कृति से जुड़ा हुआ है। यदि इस संस्कृति को प्रोत्साहित नहीं किया गया तो आने वाले समय में यह सनातन संस्कृति हरि नाम संकीर्तन छत्तीसगढ़ से विलुप्त होने की स्थिति में आ सकती है। इस कीर्तन संस्कृति का मंचन ग्रामीण क्षेत्रों में 25 से 50 लोगों के समूह संगठित होकर महिला तथा पुरुष मिलकर करते हैं। रायगढ़ के शंकर लाल अग्रवाल ने शासन से यह भी मांग की है कि छत्तीसगढ़ के सभी वर्ग समाज एवं विभिन्न जाति के लोगों द्वारा यह हरि नाम संकीर्तन का आयोजन समाजिक स्तर पर आयोजित किया जाता है। छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति में शामिल पंडवानी भरथरी ,पंथी नृत्य, कर्मा, दादरा, गौड़ा नृत्य, राउत नाचा की तरह कोलता उत्कल समाज उड़िया भाषा तथा बांग्ला भाषा के समाजिक संस्कृति हरि नाम संकीर्तन मंडली या समूह को छत्तीसगढ़ कला संस्कृति में शामिल किया जाना न्यायोचित एवं उनके सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है। शंकर लाल अग्रवाल ने इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ में निवासरत लाखों की संख्या में उत्कल समाज ओड़िया, बांग्ला भाषा के लोगों के सामाजिक संस्कृति को छत्तीसगढ़ कला संस्कृति द्वारा मान्यता प्रदान कर इन्हें प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने अनुरोध अपने पत्र में किया है। छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री अमरजीत भगत से मुलाकात के दौरान समाजसेवी शंकरलाल के साथ कोलकाता समाज के प्रतिनिधि पूर्व जिला पंचायत सदस्य सफेद गुप्ता एवं मनोरंजन नायक तथा बंगाली समाज के प्रतिनिधि दीपक कुमार मंडल के सात अन्य जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।






