
रायगढ़।चौहान समाज जिला रायगढ़ ने संगठनात्मक मजबूती और समाज की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से जनमानस तक पहुँचाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। जिला स्तरीय बैठक और आपसी सहमति के बाद वरिष्ठ पत्रकार अमरदीप चौहान को चौहान समाज, जिला रायगढ़ का मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। समाज के भीतर इस निर्णय को दूरदर्शी और समयानुकूल बताया जा रहा है।पत्रकारिता के क्षेत्र में पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय अमरदीप चौहान ने अपने निष्पक्ष, तथ्यपरक और बेबाक लेखन से अलग पहचान बनाई है। ग्रामीण अंचलों की समस्याएं हों, सामाजिक सरोकार या जनहित से जुड़े मुद्दे—उन्होंने हमेशा जमीन से जुड़ी बातों को प्रमुखता से उठाया है। प्रशासनिक गतिविधियों पर संतुलित नजर और आम नागरिक की आवाज़ को मंच देने की उनकी शैली उन्हें एक जिम्मेदार और विश्वसनीय पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।वर्तमान में अमरदीप चौहान दैनिक शब्दमेल समाचार समूह से जुड़े हुए हैं तथा अमरखबर.कॉम के संपादक के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मीडिया क्षेत्र में उनकी निरंतर सक्रियता, लेखन क्षमता और समाज की नब्ज को समझने की दृष्टि को देखते हुए जिला चौहान समाज ने उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है।जिला चौहान समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि मीडिया प्रभारी के रूप में अमरदीप चौहान की नियुक्ति से समाज की बैठकों, सामाजिक कार्यक्रमों, आयोजनों और जनकल्याणकारी गतिविधियों को व्यापक मंच मिलेगा। इससे न केवल समाज की सकारात्मक छवि मजबूत होगी, बल्कि समाज से जुड़े मुद्दे भी अधिक प्रभावी ढंग से सामने आ सकेंगे।नियुक्ति के बाद अमरदीप चौहान ने समाज के वरिष्ठजनों और पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा मानते हैं। उनके शब्दों में, “समाजसेवा भक्ति का ही एक रूप है, और उसी से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।” वे मीडिया के माध्यम से मानव समाज की सेवा के लिए हमेशा तैयार हैं उन्होंने भरोसा दिलाया कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सक्रियता के साथ करेंगे तथा चौहान समाज की आवाज़ को मीडिया के माध्यम से मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।समाज के लोगों ने भी उनकी नियुक्ति पर प्रसन्नता जताई है और उम्मीद व्यक्त की है कि उनके अनुभव और कार्यशैली से चौहान समाज को नई दिशा, नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलेगी। संगठनात्मक सशक्तिकरण की दिशा में इस नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।






