कानूनक्राइम

बोहराबहाल : गबन का अपराध दर्ज होने के बाद भी प्रबंधक और प्राधिकृत अधिकारी नही किये गये निलंबित

बीज और खाद के लिये अब दर-दर भटक रहे है किसान?

डेढ़ करोड़ का गबन करने वाले सोसायटी पदाधिकारियो पर अधिकारी मेहरबान?

8 अप्रैल को किया गया एफआईआर, 25 दिन बाद भी कार्यवाही नही
एफआईआर को शून्य करने बड़े स्तर पर चल रहा है साजिश?

नये कलेक्टर को अंधेरे मे रख रहे है सहकारिता के माफिया अधिकारी?

सारंगढ़/“अधिकारी मेहरबान तो अरोपी पहलवान” सारंगढ़ के सहकारिता समूह में अभी यह नारा बुलंद हो रहा है। डेढ़ करोड़ रूपये के धान का गबन करने वाले बोहराबहाल सोसायटी के अध्यक्ष और प्राधिकृत अधिकारी के साथ अन्य कर्मचारियो को आज भी सहकारिता विभाग निलंबित नही कर रहा है। विभाग के अनुसार ये सभी आरोपी अभी अनुपस्थित है इस कारण से आज तक किसी को प्रबंधक का प्रभार भी नही दिया गया और ना ही किसी को भी अपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद निलंबित किया गया जिसके कारण से अब बोहराबहाल के किसान धान बीज और खाद के लिये दर-दर भटक रहे है। 8 अप्रैल को दर्ज
किया गया एफआईआर के बाद भी आरोपी ना तो पुलिस की गिरफ्त में है और ना ही निलंबित किये गये है जिससे साफ जाहिर हो रहा है कि कुछ सरकारी अधिकारी का संरक्षण में सहकारिता माफिया फल- फूल रहे है।

दरसअल पूरा मामला सेवा सहकारी समिति कनकबीरा के धान उर्पाजन केन्द्र बोहरा बहाल का है जहा पर 11 मार्च को धान खरीदी के भौतिक सत्यापन और जांच के लिये कलेक्टर के निर्देश पर जांच टीम पहुंची तथा खरीदी की जांच किया जहा पर लगभग 5071 क्विंटल धान की कमी पाई गई जो कि 1.57 करोड़ रूपये की हो रही है। जिसके बाद जांच समिति के रिर्पोट पर कलेक्टर ने आरोपियो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया जहा पर 8 अप्रैल को सिटी कोतवाली पुलिस थाना सारंगढ़ में आरोपियो के खिलाफ संगीन धाराओ मे एफआईआर दर्ज कर दिया गया। किन्तु आज 2 मई होने के बाद भी ना तो आरोपियो को पुलिस पकड़ पा रही है और और ना ही सहकारिता विभाग प्रबंधक और प्राधिकृत अधिकारी को निलंबित किया है। सरकारी रिकार्ड के अनुसार प्रबंधक अभी अनुपस्थित दिख रहे है। किन्तु जहा पर सहकारिता विभाग को प्रबंधक को निलंबित करके अन्य को प्रभार सौप देना था वहा पर सहकारिता अधिकारी आरोपियो को बचाने के लिये जी-जान से लगे हुए है। जिसके कारण से आज 25 दिन बीतने के बाद भी प्रबंधक आज भी प्रबंधक के पद पर विराजमान है। इसके कारण से अब किसानो को धान बीज और खाद के लिये भटकना पड़ रहा है। एक ओर शासन शीघ्र ही धान-बीज और खाद का उठाव करने के लिये निर्देश दे रही है वही प्रबंधक और प्राधिकृत अधिकारी के फरार होने तथा उनके स्थान पर किसी को भी प्रभार नही सौपने के कारण से किसानो को बीज और खाद नही मिल पा रहा है जिसके लिये सहकारिता विभाग के एक बड़े अधिकारी मुख्य रूप से दोषी दिख रहा है।

बोहराबहाल : गबन करने वालो के लिये प्रयोगशाला?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के सारंगढ़ विकासखंड़ के बोहराबहाल धान उपार्जन केन्द्र में लगभग 1.57 करोड़ रूपये के 5071 क्विंटल धान का गबन के मामले मे संगीन मामलो में एफआईआर होने के बाद भी आरोपी आज तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। वही प्रबंधक, प्राधिकृत अधिकारी सहित कर्मचारियो को आज तक सहकारिता विभाग ने निलंबत तक नही किया है। कागजो पर ही डीओ काटकर बचत धान को शून्य बताकर एफआईआर को ही खारिज करने की षड़यंत्रपूर्वक साजिश चल रही है जिसमे प्रबंधक और प्राधिकृत अधिकारी यथा पद पर ही विराजमान रहेगे। जिसके कारण से अन्य एफआईआर वाले तथा धान का गबन करने वाले सोसायटी भी बारिक नजर से पूरे मामले को देख रहे है। सूत्रो की माने तो सहकारिता विभाग के एक चर्चित अधिकारी के द्वारा एफआईआर को ही शून्य कराने तथा धान का बचत को शून्य कराने तथा आरोपी प्रबंधक और प्राधिकृत अधिकारी सहित अन्य लोगो को बचाने के लिये बड़े स्तर पर सौदा किया है तथा शीघ्र ही प्रबंधक और प्राधिकृत अधिकारी समेत सभी को वापस काम पर लौटाने का वादा किया हुआ है।

सारंगढ़ पुलिस की पकड़ से दूर है आरोपी?

बताया जा रहा है कि संगीन धाराओ के तहत अपराध पंजीबद्ध होने के बाद भी आज तक आरोपियो का कोई पता नही चल पाया है। बताया जा रहा है कि आधा दर्जन आरोपियो को या तो आसमान खा गई है या जमीन निगल गई है इसके कारण से ही सिटी कोतवाली पुलिस सारंगढ़ उनको ना तो पकड़ पा रही है और ना ही पकड़ने का प्रयास कर रही है। सूत्रो का दावा है कि आरोपी नये-नये मोबाईल नंबरो से रोज संबंधित अधिकारियो से वार्तालाप कर रहे है। किन्तु पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

आखिर क्या है मामला?
इस मामले मे मिली जानकारी के अनुसार धान उपार्जन केन्द्र बोहराबहाल का जांच कलेक्टर के आदेश पर जांच समिति गठित कर जांच किया गया जांच समिति में प्रकाश पटेल नायब तहसीलदार सारंगढ, विद्यानंद पटेल खाद्य निरीक्षक सारंगढ, राजेन्द्र कुमार मेहर सहकारिता विस्तार अधिकारी सारंगढ, घनेन्द्र पटेल पर्यवेक्षक अपेक्स बैंक सारंगढ एवं श्रीमती बबली राय वरिष्ठ सहायक कार्यालय जिला विपणन अधिकारी सारंगढ़ के टीम द्वारा दिनांक 11.03.2025 को जांच किया गया निरीक्षण के दौरान धान खरीदी केन्द्र बोहराबहाल में धान आवक पंजी व विभागीय वेबसाईट में दर्ज धान खरीदी की जानकारी से मिलान करने पर 85 कृषको के नाम पर 4633.60 क्विंटल धान उपार्जन केन्द्र के धान

आवक पंजी में फर्जी आवक दर्ज कर फर्जी / बोगस धान खरीदी की गई सहित 5071.60 क्विंटल धान कमी की जिसका मूल्य 1,57,21,960 रूपये (अक्षरांश एक करोड़ संतावन लाख इक्कीस हजार नौ सौ साठ रूपये) का कमी होना पाया है जिसमें धान उपार्जन केन्द्र बोहराबहाल केन्द्र के सहायक समिति प्रबंधक निराकर पटेल, फड प्रभारी नीलाम्बर पटेल, बारदाना प्रभारी दिलेश्वर पटेल, धान आवक-जावक प्रभारी दिलेश विश्वकर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर शिवकुमार पटेल एवं प्राधिकृत अधिकारी टीकाराम पटेल सभी निवासी सेवा सहकारी समिति कनकबीरा का धान उपार्जन केन्द्र बोहराबहाल के द्वारा शासन की
संपत्ति का घोटाला किया गया है । सिटी कोतवाली पुलिस थाना सारंगढ़ में इस मामले में समिति प्रबंधक निराकर पटेल, फड प्रभारी नीलाम्बर पटेल, बारदाना प्रभारी दिलेश्वर पटेल, धान आवक-जावक प्रभारी दिलेश विश्वकर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर शिवकुमार पटेल एवं प्राधिकृत अधिकारी टीकाराम पटेल के खिलाफ डेढ़ करोड़ रूपये के धान घोटाला करने के आरोप में बीएनएस की धारा 316(5), 318(4), 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। किन्तु आज तक किसी भी आरोपियो की गिरफ्तारी नही हो पाई है।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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