
बलौदाबाजार:- कहते है की किसी राष्ट्र की व्यवस्था को बिगाड़नी है तो उसके शिक्षा व्यवस्था को बिगाड़ दीजिये उस राष्ट्र की स्थिति अपने आप बिगड़ जायेगी छत्तीसगढ़ के बालौदाबाजार जिले के आत्मानंद विद्यालयों का कुछ यही हाल है जहा विद्यालय खुले अब लगभग एक महीने पूरे होने वाले है फिर भी विद्यालय शिक्षको की कमी से जूझ रहे है जिससे बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है बच्चे जिन्हे राष्ट्र निर्माता कहा जाता है उन्ही का भविष्य अन्धकार मे जाता नजर आ रहा है लेकिन इस बात की चिंता किसी को क्यो ही हो
5 माह पहले निकली थी भर्ती अब तक पूरी नही हो पायी प्रक्रिया
आपको बता दे जिले के 16 स्वामी आत्मानंद विद्यालयों मे जिसमे सेजेस करही बाजार, सेजेस अर्जुनी, सेजेस सुहेला,सेजेस बालौदाबाजार, सेजेस भाटापारा, सेजेस छेरकापुर, सेजेस हातबंद, सेजेस पलारी ,सेजेस ओड़ान, सेजेस निपानिया, सेजेस लवन, सेजेस लाहोद, सेजेस सोनाखान,सेजेस सिमगा, सेजेस सेल, सेजेस कसडोल मे व्याख्या, शिक्षक, सहयक शिक्षक, के कुल 88 पदो पर भर्ती निकली थी जो की अब तक पांच महीने पूरे होने के बाद भी अब तक पूरी नही की जा सकी है
कुछ विद्यालयों मे नही है एक भी शिक्षक
यु तो कहे तो एक शिक्षण सत्र गुजर जाने के बाद दूसरे सत्र के भी एक महीने गुजर जाने के बाद भी सेजेस करही बाजार के विज्ञापन के अनुसार वहा अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मे पूरे
21 पदो पर भर्ती निकली है जिसका मतलब है वर्तमान मे वहा एक भी शिक्षक नही है अब वहा कितने बच्चे है उनकी शिक्षा की व्यवस्था किस प्रकार की जा रही है यह सोचना अत्यंत ही गंभीर विषय है यही हाल अन्य विद्यालयों मे भी जहा कुछ विषयो के शिक्षको की कमी है
शिक्षक भर्ती के अंतिम चरण मे काफी देरी
बता दे की भर्ती प्रकिया का लगभग 90% कार्य पूर्ण हो चुका है दस्तावेज सत्यापन तक की प्रकिया पूर्ण हो चुकी है लेकिन दस्तावेज सत्यापन के लगभग 20 दिन बाद भी आगे की कोई प्रक्रिया नही बढ़ रही है जबकि अंबिकापुर एव अन्य जगहों पर इससे देर से आये भर्तीयो की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है आखिर देरी किस लिए हो रही है यह बात समझ से परे है
क्या कहते है जिला शिक्षा अधिकारी
जब शिक्षक भर्ती मे हो रही देरी के विषय जानकारी के लिए डीईओ हिमांशु भारतीय से बात किया गया तो उन्होंने बताया की समिति के अनुमोदन के बात आगे की कार्यवाही की जाएगी जल्द से जल्द प्रक्रिया पूर्ण होगी।






