
जशपुर/नंदकुमार राम:- छत्तीसगढ़ के एक पिछड़े इलाके का गांव, आजादी के 78 साल बाद भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। ग्राम पंचायत केरसई (फरसाबहार ब्लाक के सबसे बड़ा पंचायत) के वार्ड क्र. 2ओर 3 परता टोली भूडू टोली का है यह गांव सड़क के लिए तरस रहा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन और विकास में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विस्तार: यह गांव, जो 78 सालों से सड़क के लिए तरस रहा है, बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित है। आवागमन के लिए पगडंडियों पर निर्भर रहने के कारण, गांव तक आवश्यक सामान और सेवाएं पहुंचने में कठिनाई होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने के लिए 1 से 2 किलोमीटर दूर तक खटिया से ढो के वाहन पहुंच मार्ग तक लेना पड़ता है खास बात यह है कि ये इलाका छत्तीसगढ़ के लाड़ले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का विधान सभा क्षेत्र का है स्थानीय लोगों का कहना है की कई बार से ग्राम पंचायत और स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय विधान सभा एवं जिला स्तरीय नेताओं को भी आवेदन दे के थक चुके है लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला ।इस गांव की स्थिति यह दर्शाती है कि विकास की मुख्यधारा से दूर रहने वाले क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कितनी कमी है और सरकार को इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।






