
रायगढ़। आज आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने 11 बिंदुओ पर 29 दिसंबर को होने वाले जिंदल पैंथर सीमेंट प्लांट के विस्तार के जनसुनवाई का विरोध करते हुए रायगढ़ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और गुहार लगाया कि हमारे रायगढ़ को पर्यावरण प्रदूषण से बचा लीजिए। रायगढ़ जिले में आए दिन औद्योगिकरण के विस्तार एवं कोयला खनन कोल वाशरी जैसी कंपनियों के नए निर्माण एवं विस्तार की हो रही जनसुनवाइयों से रायगढ़ जिले की जनता अब त्रस्त हो चुकी है, रायगढ़ की जनता और ज्यादा औद्योगिकरण एवं खनन के प्रदूषण की मार झेलने में सक्षम नहीं है।

जनसुनवाई का विरोध करते हुए प्रभारी सिरिल धृतलहरे ने बताया कि रायगढ़ जिले में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर पिछले 15-20 सालों से बढ़ा नहीं है और अगर इस जनसुनवाई को अनुमति दी जाती है तो 2500 से भी ज्यादा भारी वाहनों का आवाजाही बढ़ेगी जबकि हर साल करीबन 876 मौतें सड़क दुर्घटनाओं से हो रही है, जिसमें और बढ़ोतरी होगी, इसीलिए पहले सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होना चाहिए, उसके बाद किसी उद्योग विस्तार को अनुमति दी जानी चाहिए, इसलिए आम आदमी पार्टी इस जनसुनवाई का विरोध करते हैं, साथ ही कंपनी द्वारा जो ईआईए नोटिफिकेशन बनाया गया है, इसमें परियोजना के प्रभावित क्षेत्र के 10 किलोमीटर क्षेत्र में पढ़ने वाले गांवों का अध्ययन नहीं किया गया है, जिसमें आगनबाडी में पढ़ने वाले बच्चे, प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे, मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे एवं क्षेत्र में पढ़ने वाले बच्चों पर जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण का होने वाले दुष्प्रभाव का किसी भी प्रकार का अध्ययन नहीं किया गया है, यह ईआईए नोटिफिकेशन रिपोर्ट पूर्ण रूप से फर्जी है, इसी ईआईए नोटिफिकेशन का राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन पहले जांच करवाएं, इसके बाद जनसुनवाई की प्रक्रिया का विधि सम्मत पालन करें।
उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि कंपनी द्वारा प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को पूर्व में सीएसआर मत के तहत जो कार्य करने के लिए कहा गया था, आज पर्यंत तक कंपनी द्वारा प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के अपने सीएसआर मद के तहत किसी भी प्रकार का कोई कार्य नहीं करवाया गया है, जिस क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर आक्रोश है, अगर किसी भी प्रकार की घटना दुर्घटना होती है, जिसकी जिम्मेदारी कंपनी एवं जिला प्रशासन की होगी, इसलिए आयोजित होने वाली जनसुनवाई का हम विरोध करते हैं। इस जनसुनवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी ने एक प्रतिनिधि मंडल की टीम बनायी थी, जिसमें मुख्य रूप से सिरिल धृतलहरे, आलोक स्वर्णकार, सम्पत चौहान, मनीषा गोंड़, संतोष श्रीवास, जगदीश निषाद, सुरेश यादव थे और ज्ञापन सौंपने गए प्रमुखों में ये सभी उपस्थित रहें।






