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ग्राम पंचायत नगवाही में 19.77 लाख की रिटर्निंग वॉल निर्माण में बड़ा घोटाला, सरपंच, सचिव और तकनीकी सहायक पर लगे गंभीर आरोप


गौरेला-पेंड्रा-मरवाही:
मरवाही जनपद की ग्राम पंचायत नगवाही में सरकारी निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। डुमरखेरवा से कोदवाही पहुंच मार्ग के पास 19.77 लाख रुपये की लागत से बनाई गई रिटर्निंग वॉल का निर्माण भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण धराशायी हो गया।

सरपंच, सचिव और तकनीकी सहायक पर गंभीर आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत नगवाही के सरपंच, सचिव और तकनीकी सहायक दीपक आयम ने ठेकेदार के साथ मिलकर निर्माण कार्य में जमकर भ्रष्टाचार किया। इस निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे दीवार निर्माण के कुछ ही समय बाद इसमें दरारें पड़ गईं और कई जगह दीवार टूट गई।

ग्रामीणों की जागरूकता से हुआ खुलासा

ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार ने अपनी मनमानी करते हुए नियमों और मानकों को नजरअंदाज किया। निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री न केवल निम्न गुणवत्ता की थी, बल्कि कार्य की योजना और क्रियान्वयन में भी लापरवाही बरती गई। दीवार का उद्देश्य सड़क के कटाव को रोकना था, लेकिन भ्रष्टाचार और गलत योजना के चलते दीवार कमजोर साबित हुई।

घटिया निर्माण की तस्वीरें उभर कर आईं सामने

डुमरखेरवा से कोदवाही मार्ग पर बनाई गई इस रिटर्निंग वॉल का अधिकांश हिस्सा पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। दीवार में दरारें पड़ गई हैं, और कई जगहों पर यह टूटकर गिर चुकी है। इसके बावजूद अब तक जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सरपंच, सचिव और तकनीकी सहायक समेत इस कार्य में लिप्त सभी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो वे इस मामले को लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।

भ्रष्टाचार पर प्रशासन की चुप्पी

स्थानीय प्रशासन इस मामले में अब तक चुप्पी साधे हुए है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से ही ठेकेदार ने इतना बड़ा घोटाला किया है।

निष्कर्ष

यह घटना सरकारी निर्माण कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। रिटर्निंग वॉल का उद्देश्य सड़क और ग्रामीणों की सुरक्षा थी, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते यह पैसा और संसाधन दोनों की बर्बादी बन गया। अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की आवाज कब तक प्रशासन तक पहुंचेगी और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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