कानूनक्राइम

जाली ऋण पुस्तिका  बनाकर जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश



● घरघोड़ा पुलिस ने दस्तावेज में कांटछांट कर जमानत कराने वाले  आरोपी दलाल और पट्टाधारी को किया गिरफ्तार

● *किसान ऋण पुस्तिका के पन्ने बदलकर आरोपियों को अवैधानिक तरीके से दिलाई जा रही थी जमानत

● न्यायाधीश और कोर्ट स्टाफ की सतर्कता से फर्जी दस्तावेज का हुआ खुलासा

● आरोपी दलाल जगन्नाथ कसेरा और पट्टाधारी पद्मलोचन साव ने मिलकर रची थी जालसाजी की साजिश

● दस्तावेजों में हेराफेरी कर न्यायालय को गुमराह करने वालों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई

● फर्जी दस्तावेज बनाकर लाभ उठाने वालों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा: रायगढ़ पुलिस

रायगढ़:- घरघोड़ा पुलिस ने न्यायालय में जमानत दिलाने के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पट्टाधारी और उसके साथी दलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों द्वारा किसान ऋण पुस्तिका के पन्नों में कांटछांट कर पुराने पन्ने हटाकर कोरा पन्ना लगाने की साजिश के तहत आरोपी बदल-बदलकर बार-बार अवैधानिक तरीके से जमानत कराने का खेल खेला जा रहा था, जिसे कोर्ट स्टाफ और माननीय न्यायाधीश की सतर्कता से पकड़ लिया गया।
             जानकारी के अनुसार, प्रार्थी प्रशांत कुमार सिंह, जो न्यायालय प्रथम श्रेणी घरघोड़ा में बाबू के पद पर कार्यरत हैं, द्वारा दिनांक 05 जुलाई 2025 को थाना घरघोड़ा में शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि अपराध क्रमांक 132/2025 थाना पूंजीपथरा के मामले में जमानतदार पद्मलोचन साव, निवासी ग्राम कोतासुरा द्वारा अपनी किसान ऋण पुस्तिका क्रमांक 2925098 प्रस्तुत कर आरोपी तौहिद खान की जमानत ली गई थी। परंतु, कुछ ही दिन बाद उसी किसान किताब का पृष्ठ बदलकर, कोरा पन्ना जोड़कर, आरोपी कौशिल्या बाई के जमानत हेतु फिर से वही दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसकी जांच में किताब से पुराने जमानत इंद्राज वाले पृष्ठ गायब मिले।
          कोर्ट स्टाफ ने जब दस्तावेज खंगाले, तो पाया गया कि किताब में जानबूझकर हेराफेरी की गई है। इस पर जमानतदार पद्मलोचन साव से पूछताछ की गई, पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। मामले में थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के निर्देश पर आरोपी पद्मलोचन साव और उसके साथी जगन्नाथ कसेरा के खिलाफ अपराध क्रमांक 177/2025 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में खुलासा हुआ कि पट्टाधारी पद्मलोचन साव के नाम पर ग्राम सूरी, तहसील पुसौर में स्थित भूमि की ऋण पुस्तिका है, जिसे जगन्नाथ कसेरा नामक दलाल के साथ मिलकर दोनों जमानत कराने के लिए बार-बार इस्तेमाल करते थे। इस दौरान दोनों आरोपी ऋण पुस्तिका में पुराना जमानत लेख वाला पृष्ठ निकालकर नया कोरा पृष्ठ जोड़ते और दस्तावेज को वैध बताकर न्यायालय में पेश कर देते थे। इस कार्य के बदले आरोपी दलाल जगन्नाथ कसेरा मोटी रकम वसूलता था, जिसे दोनों आपस में बांटते थे।
              गत 06 जून को भी इन्हीं दस्तावेजों में गड़बड़ी कर आरोपी कौशिल्या बाई की जमानत कराने की कोशिश की गई, लेकिन कोर्ट स्टाफ और माननीय न्यायाधीश श्री दामोदर प्रसाद चंद्रा द्वारा सतर्कता दिखाते हुए जालसाजी पकड़ ली गई।
             घरघोड़ा पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने अपने अपराध कबूल कर लिए। आरोपी पद्मलोचन साव के पास से कूटरचित ऋण पुस्तिका जब्त की गई है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

*गिरफ्तार आरोपी*:
1. पद्मलोचन साव पिता स्व. भीम साव, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम कोतासुरा, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।
2. जगन्नाथ कसेरा पिता स्व. रघुवीर कसेरा, उम्र 49 वर्ष, निवासी ग्राम रैबार, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।
       यदि कोई जानबूझकर फर्जी दस्तावेज अथवा कांटछांट कर दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत करता है और इसका अवैधानिक लाभ लेता है, तो ऐसे व्यक्तियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। रायगढ़ पुलिस द्वारा इस प्रकार की गंभीर धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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