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छत्तीसगढ़ में पीएम-जनमन योजना की बड़ी पहल: 1.25 लाख से अधिक विशेष जनजातीय लाभार्थियों तक पहुँची मोबाइल स्वास्थ्य सेवाएं

18 जिलों में 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का संचालन, 3.32 लाख से अधिक चिकित्सा परामर्श और 2.94 लाख से ज्यादा जांचें दर्ज

रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस पहल के माध्यम से राज्य के 18 जिलों में संचालित 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए अब तक 1,25,051 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाई गई हैं।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को शुरू हुए इस कार्यक्रम के तहत अब तक 15,209 चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इस दौरान 2,45,095 मरीजों का पंजीकरण हुआ और 3,32,526 चिकित्सा परामर्श दर्ज किए गए। इसके अलावा, 2,94,560 नैदानिक जांचें की गईं, जबकि 1,28,596 फॉलो-अप मरीजों के रिकॉर्ड और अस्पतालों में रेफरल के 3,671 मामले दर्ज किए गए हैं।

गांवों और दूरस्थ बस्तियों तक पहुँच रही स्वास्थ्य सेवाएं

पीएम-जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का उद्देश्य उन जनजातीय बस्तियों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाना है, जहां अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुँचना चुनौतीपूर्ण होता है। मोबाइल इकाइयों के माध्यम से ग्रामीणों को चिकित्सा परामर्श, प्रयोगशाला जांच, विभिन्न बीमारियों की स्क्रीनिंग, दवाइयां और जरूरत पड़ने पर अस्पताल रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन और ड्राइवर की व्यवस्था की गई है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने गांव या आसपास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में मदद मिल रही है।

गैर-संचारी बीमारियों की पहचान पर भी जोर

कार्यक्रम के तहत गैर-संचारी बीमारियों की समय पर पहचान और जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस अभियान में 2,54,912 पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्ट और 2,17,889 रक्त जांचें की गई हैं।

इन जांचों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शुरुआती पहचान करने और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। नियमित फॉलो-अप और अस्पताल रेफरल की व्यवस्था भी इस पहल का अहम हिस्सा है।

निजी संचालन सहयोग से संचालित हो रही पहल

इस कार्यक्रम का संचालन सहयोग धनुष हेल्थकेयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। पहल का प्रमुख उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाना और भौगोलिक कठिनाइयों के कारण इलाज से वंचित रह जाने वाले लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने की कोशिश

पीएम-जनमन योजना के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की यह पहल दूरस्थ जनजातीय समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। चिकित्सा शिविरों, जांच सुविधाओं, दवाइयों और फॉलो-अप सेवाओं के जरिए जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में 18 जिलों की 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से लाखों चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के आंकड़े इस पहल के व्यापक दायरे को दर्शाते हैं। आने वाले समय में इन सेवाओं की निरंतरता और प्रभावी निगरानी से दूरस्थ एवं वंचित जनजातीय समुदायों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच और मजबूत होने की उम्मीद है।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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