
भीखमपुरा प्रवास के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर की गई थीं घोषणाएं; लाल नाला पर 3.91 करोड़ से बनेगा पुल, तालाब सौंदर्यीकरण और सामुदायिक भवनों के लिए भी करोड़ों की स्वीकृति
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के पूर्वी वनांचल में विकास और जनसुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सुशासन तिहार अभियान के दौरान बरमकेला विकासखंड के ग्राम भीखमपुरा प्रवास पर की गई पांच घोषणाओं को राज्य शासन से मंजूरी मिल गई है। इन घोषणाओं में चार निर्माण कार्यों के लिए कुल 6 करोड़ 41 लाख 52 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति तथा एक ही परिसर में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला और पूर्व माध्यमिक शाला के नामकरण की अनुमति शामिल है।
स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र में सड़क संपर्क, सार्वजनिक सुविधाओं और सामुदायिक गतिविधियों से जुड़े विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से नर्राखोल क्षेत्र में लाल नाला पर पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण से वनांचल के ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलने की संभावना है। वहीं भीखमपुरा में तालाब सौंदर्यीकरण, मंगल भवन और गौशाला परिसर में कार्यशाला सह सामुदायिक भवन के निर्माण से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
लाल नाला पर 3.91 करोड़ से बनेगा पुल, आवागमन होगा आसान
मुख्यमंत्री की घोषणाओं में सबसे महत्वपूर्ण कार्य बरमकेला विकासखंड के ग्राम नर्राखोल क्षेत्र में लाल नाला पर पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण है। लोक निर्माण विभाग ने इस कार्य के लिए 3 करोड़ 91 लाख 54 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्रामीण बसाहटों के लिए सुगम आवागमन बेहद जरूरी है। पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण से आसपास के गांवों के बीच संपर्क व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। विशेषकर बरसात के दौरान नाले के कारण आवागमन में आने वाली परेशानियों को कम करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
इससे विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार सहित अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
भीखमपुरा में तीन निर्माण कार्यों के लिए करीब 2.50 करोड़ स्वीकृत
ग्राम भीखमपुरा में ग्रामीणों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है। इनमें तालाब सौंदर्यीकरण, मंगल भवन और गौशाला परिसर में कार्यशाला सह सामुदायिक भवन का निर्माण शामिल है।
तालाब सौंदर्यीकरण के लिए 99.99 लाख रुपये: ग्राम भीखमपुरा में तालाब सौंदर्यीकरण के लिए 99 लाख 99 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रथम किस्त के रूप में 39 लाख 99 हजार 600 रुपये मंजूर किए गए हैं। इस कार्य से तालाब के आसपास के परिसर को व्यवस्थित करने और ग्रामीणों को बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग रायगढ़ को सौंपी गई है।
मंगल भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये: गांव की मुख्य बस्ती में मंगल भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें प्रथम किस्त के रूप में 20 लाख रुपये जारी करने की मंजूरी दी गई है। भवन बनने से ग्रामीणों को सामाजिक, सांस्कृतिक, पारिवारिक और सामुदायिक आयोजनों के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध हो सकेगा। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बरमकेला तथा निर्माण की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत को दी गई है।
गौशाला परिसर में कार्यशाला सह सामुदायिक भवन के लिए 99.99 लाख रुपये: भीखमपुरा स्थित गौशाला परिसर में कार्यशाला सह सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 99 लाख 99 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। प्रथम किस्त के रूप में 39 लाख 99 हजार 600 रुपये मंजूर किए गए हैं। भवन का उपयोग प्रशिक्षण, कार्यशालाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग रायगढ़ को सौंपी गई है।
इन तीनों कार्यों के लिए कुल 2 करोड़ 49 लाख 98 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है।
दो शासकीय विद्यालयों का नामकरण पंडित हृदयनारायण पाणिग्राही के नाम पर
मुख्यमंत्री की पांचवीं घोषणा के तहत ग्राम भीखमपुरा में एक ही परिसर में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का नामकरण पंडित हृदयनारायण पाणिग्राही के नाम पर करने की अनुमति प्रदान की गई है।
स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 25 सितंबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया गया। विद्यालयों के नामकरण का निर्णय स्थानीय जनभावनाओं और क्षेत्र से जुड़े व्यक्तित्व के सम्मान की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कलेक्टर की निगरानी में होंगे कार्य, गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर
स्वीकृत विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू द्वारा संबंधित विभागों की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को आवश्यक प्रशासकीय एवं तकनीकी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासकीय स्वीकृति आदेशों में कार्यों की प्रगति पर निगरानी रखने, प्रत्येक माह की पांच तारीख तक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप करने की शर्तें भी रखी गई हैं। निर्माण स्थलों पर कार्य संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्यों की निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
ग्रामीणों की मांगों को मिली मंजूरी, विकास की उम्मीदें बढ़ीं
बरमकेला विकासखंड के पूर्वी वनांचल में स्वीकृत ये परियोजनाएं केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा संबंध ग्रामीणों के दैनिक जीवन और मूलभूत सुविधाओं से है। लाल नाला पर पुल निर्माण से संपर्क व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है, वहीं तालाब सौंदर्यीकरण और सामुदायिक भवनों से सामाजिक गतिविधियों को बेहतर आधार मिलेगा।
सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई घोषणाओं को मंजूरी मिलने से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं बनी हैं। अब इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन महत्वपूर्ण होगा। यदि कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे होते हैं, तो बरमकेला के वनांचल क्षेत्र में आवागमन और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार को नई दिशा मिल सकती है।






