
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ प्रशासन ने अनुशासनहीनता और गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। किसानों की समस्या को लेकर गए पत्रकार पोसरम साहू के साथ बदसलूकी और मारपीट करना एक अधिकारी को भारी पड़ गया है। कलेक्टर के अनुमोदन के बाद कृषि विभाग ने आरोपी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मामला सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कृषि विभाग कार्यालय का है। जानकारी के मुताबिक, 16 अप्रैल 2026 को पत्रकार श्री पोसरम साहू प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित 6 आवेदनों के निराकरण के लिए कार्यालय पहुंचे थे।
जब उच्चाधिकारियों ने इस मामले के समाधान के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री प्रवीण कुमार पटेल को बुलाया, तो अधिकारी महोदय अपना आपा खो बैठे। रिपोर्ट के अनुसार, प्रवीण कुमार पटेल ने न केवल काम करने से मना किया, बल्कि आवेश में आकर पत्रकार पोसरम साहू और उनके साथी के साथ मारपीट और गाली-गलौज भी की।
इस घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा। जवाब संतोषजनक न होने पर प्रशासन ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
नियमों का उल्लंघन: अधिकारी को ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965’ के नियम-3 के उल्लंघन का दोषी पाया गया।
तत्काल निलंबन: ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966’ के नियम-9 (1) के तहत प्रवीण कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यालय परिवर्तन: निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ‘अनुविभागीय कृषि अधिकारी कार्यालय, सारंगढ़’ नियत किया गया है।
कलेक्टर की मुहर: यह आदेश जिला कलेक्टर के अनुमोदन के बाद उप संचालक कृषि द्वारा जारी किया गया है।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर इस तरह का हमला न केवल निंदनीय है बल्कि सरकारी सेवा की गरिमा के भी खिलाफ है। इस त्वरित कार्रवाई से प्रशासन ने यह साफ संदेश दिया है कि आम जनता या मीडिया कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।






