
रायगढ़। चौहान समाज जिला रायगढ़ की धरमजयगढ़ विकासखंड में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में समाज के भविष्य को नई दिशा देने वाला संकल्प सामने आया। विकासखंड धर्मजयगढ़ हाटी क्षेत्र के ग्राम बरबसपुर में आयोजित कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शक शंभूलाल चौहान ने अपने ओजस्वी उद्बोधन के माध्यम से संगठन, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को समाज की प्राथमिक धुरी बताते हुए दो करोड़ रुपये तक की विकास राशि राज्य सरकार और सामूहिक रूप से एकत्र करने की घोषणा की।
शंभूलाल चौहान ने कहा कि कोई भी समाज केवल भावनाओं से नहीं, बल्कि ठोस संगठन और योजनाबद्ध प्रयासों से आगे बढ़ता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समाज को आने वाली पीढ़ियों के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है, तो महिला विकास, बच्चों की शिक्षा और युवाओं के स्वरोजगार पर एक साथ काम करना होगा। इसके लिए समाज के सभी पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और कार्यकर्ता एकजुट रहकर जिम्मेदारी निभाएं—यही समय की मांग है।
उन्होंने समाज के समक्ष यह विचार रखा कि छोटे-छोटे सहयोग से भी बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। लगभग दो करोड़ रुपये की प्रस्तावित मांग राशि किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक शक्ति का प्रतीक होगी, जिससे शिक्षा सहायता, प्रशिक्षण, महिला उत्थान और आर्थिक स्वावलंबन से जुड़े कार्यों को गति दी जा सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान समाज के जिला एवं ब्लॉक स्तर के सभी कार्यकारिणी सदस्यों ने शंभूलाल चौहान के विचारों पर एकमत सहमति जताई। उपस्थित सदस्यों ने खुले मंच से समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल चौहान समाज को न केवल संगठित करेगी, बल्कि समाज की पहचान को एक नई मजबूती भी देगी।
बैठक का माहौल उत्साह और विश्वास से भरा रहा। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय बाद समाज को एक स्पष्ट दिशा और ठोस लक्ष्य मिला है। इस पहल से समाज में नया संगठनात्मक ढांचा मजबूत होगा और सामाजिक कार्यों में पारदर्शिता व सहभागिता बढ़ेगी।
कार्यक्रम के समापन पर यह भावना स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई कि यदि यह संकल्प जमीनी स्तर पर उतारा गया, तो चौहान समाज रायगढ़ जिले में सामाजिक एकता, शिक्षा और स्वावलंबन का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरेगा।






