
सारंगढ़-बिलाईगढ़: जिले के सरिया अंचल अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पिहरा के एक होनहार युवक ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन से पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। ग्राम पिहरा निवासी श्री लक्ष्मीप्रसाद मिरी के सुपुत्र सूरज मिरी, ग्राम पंचायत पिहरा के पहले अधिवक्ता बनने का गौरव प्राप्त कर चुके हैं। इसके साथ ही, वे सरिया अंचल के सतनामी समाज से इस मुकाम तक पहुँचने वाले प्रथम युवा अधिवक्ता बने हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और संघर्ष:
सूरज मिरी की प्रारंभिक शिक्षा और 12वीं की पढ़ाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोंदा (तत्कालीन जिला रायगढ़, वर्तमान जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) से हुई, जहाँ उन्होंने वर्ष 2020 में सफलता प्राप्त की। विधि (कानून) के प्रति अपने जुनून को देखते हुए उन्होंने वर्ष 2020 से 2025 तक B.A.LL.B. की डिग्री हासिल की।
प्रथम प्रयास में राष्ट्रीय परीक्षा (AIBE) में सफलता:
सूरज की सबसे बड़ी विशेषता उनकी शैक्षणिक प्रतिभा है। उन्होंने अधिवक्ता के रूप में अपनी योग्यता सिद्ध करते हुए देश की सबसे प्रतिष्ठित कानूनी परीक्षा ‘ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन’ (AIBE 20) को अपने प्रथम प्रयास में ही उत्तीर्ण कर लिया है। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत और कानून के प्रति गहरी समझ को दर्शाती है।
क्षेत्र और समाज में गौरव का विषय:
सूरज मिरी की इस ऐतिहासिक सफलता पर ग्राम पंचायत पिहरा और पूरे सरिया अंचल के सतनामी समाज में हर्ष व्याप्त है। ग्रामीणों का मानना है कि सूरज ने न केवल अपने पिता श्री लक्ष्मीप्रसाद मिरी और परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बने हैं। अब अंचल के लोगों को न्यायोचित सलाह और कानूनी मदद के लिए अपने ही बीच के एक योग्य अधिवक्ता का साथ मिलेगा।
लक्ष्य:
नवनियुक्त अधिवक्ता सूरज मिरी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद को दिया है। उन्होंने कहा कि “मेरा लक्ष्य समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को न्याय दिलाना और कानून के माध्यम से लोगों की सेवा करना है।”
हार्दिक शुभकामनाएं:
समस्त ग्रामवासी – ग्राम पंचायत पिहरा, सतनामी समाज – सरिया अंचल एवं इष्ट मित्र।






