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औद्योगिक इकाई पर गंभीर आरोपों की बौछार, पर्यावरण, श्रमिक और ग्रामीण हितों के उल्लंघन

औद्योगिक इकाई पर गंभीर आरोपों की बौछार, पर्यावरण, श्रमिक और ग्रामीण हितों के उल्लंघन

जिला युवा कांग्रेस ने SDM से की शिकायत, ‘राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड’ पर जांच की मांग
रायपुर, बिलासपुर (ग्रामीण)
जिले के मस्तूरी तहसील अंतर्गत पाराघाट क्षेत्र में संचालित राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड नामक औद्योगिक इकाई एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। जिला युवा कांग्रेस बिलासपुर (ग्रामीण) ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मस्तूरी को लिखित शिकायत सौंपते हुए कंपनी पर पर्यावरण संरक्षण, श्रमिक अधिकार और ग्रामीण जीवन से जुड़े कई गंभीर उल्लंघनों का आरोप लगाया है।

यह शिकायत जिला युवा कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष सुनील पटेल के हस्ताक्षर से सौंपी गई है, जिसमें स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आंदोलन और SDM कार्यालय घेराव जैसे कदम उठाने को मजबूर होगा।

क्या-क्या हैं आरोप? (बिंदुवार खुलासा)

  1. बिना स्पष्ट वैधानिक अनुमति कोल वॉशरी का संचालन

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि औद्योगिक इकाई द्वारा आवश्यक वैधानिक अनुमति एवं NOC की स्थिति स्पष्ट किए बिना कोल वॉशरी का संचालन किया जा रहा है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।

  1. लीलागर नदी के जल को खतरा

औद्योगिक गतिविधियों के कारण लीलागर नदी के जल की गुणवत्ता प्रभावित होने की गंभीर आशंका जताई गई है, जिससे आसपास के ग्रामीणों और किसानों की आजीविका पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।

  1. PF कटौती, लेकिन जमा नहीं?

कर्मचारियों के वेतन से भविष्य निधि (PF) के नाम पर कुल 24% राशि की कटौती की जा रही है, लेकिन संबंधित खातों में राशि जमा किए जाने को लेकर पारदर्शिता का अभाव बताया गया है।

  1. CSR सिर्फ कागजों में?

कंपनी पर आरोप है कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत स्थानीय क्षेत्र में अपेक्षित सामाजिक और विकासात्मक कार्य नहीं किए जा रहे हैं।

  1. विस्थापितों को रोजगार नहीं

भूमि अधिग्रहण के दौरान किए गए आश्वासनों के बावजूद विस्थापित किसानों और उनके परिवारों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे सामाजिक असंतोष बढ़ रहा है।

  1. PMGSY सड़कें तबाह

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं।

  1. धूल प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित

संयंत्र क्षेत्र एवं परिवहन मार्गों पर नियमित जल छिड़काव और सफाई व्यवस्था न होने से अत्यधिक धूल प्रदूषण फैल रहा है।

  1. भू-जल स्तर में गिरावट

औद्योगिक प्रयोजन हेतु भू-जल के अत्यधिक दोहन से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर लगातार गिरने की शिकायत सामने आई है।

10 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी

जिला युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रभावित ग्रामीणों और कर्मचारियों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

इतना ही नहीं, एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर SDM कार्यालय घेराव की भी चेतावनी दी गई है, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित औद्योगिक इकाई और प्रशासन की होगी।

प्रशासन से अपेक्षा

पत्र के अंत में जिला प्रशासन से अपेक्षा जताई गई है कि वह जनहित को सर्वोपरि रखते हुए शीघ्र जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि ग्रामीणों, किसानों और श्रमिकों की समस्याओं का समाधान हो सके और औद्योगिक गतिविधियां नियमों के अनुरूप संचालित हों।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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