
एक गांव के एक बड़े किसान के घर एक लड़का का जन्म होता है।

बड़े किसन के घर परिवार वाले खुशियाँ मनाते है, मिठाईया बाटते है और फटाके फोड़ते है। की हमारे घर में लड़का पैदा हुआ है और चारो तरफ खुशियों का महौल रहता है।

तभी एक पेड़ पर बैठे चिड़िया के बच्चे नें अपनी मम्मी से कहती है की मम्मी कितनी खुशी की बात है ना की एक गांव के बड़े किसान के घर आज एक लड़के नें जन्म लिया है। तभी चिड़िया के मम्मी कहती है कास उस बड़े किसान के घर बेटी पैदा होती तो मुझे बहोत ख़ुशी होती।फिर चिड़िया के बच्चे नें अपनी मम्मी से पूछा की आप ऐसा क्यों बोल रहे हो तब मम्मी नें कहा की जब कल यही बच्चा बड़ा होगा तो तुम्हे बन्दुक से मरने के लिये आयेगा लेकिन बेटी जन्म लेती तो घर में जब – जब चावल से कंकड़ या धान को आंगन में अलग करती तो हमें याने (चिड़िया के बच्चे को) गिरे हुये कुछ चावल के दाने मिला जाता और हमारा पेट भरा रहता। चिड़िया के मम्मी नें आगे कहा की उस बड़े किसान के घर में बेटी जन्म लेती तो मुझे ज्यादा खुशी होती ।

कहानी का उदेश्य
कभी भी पशु पक्षियों को नहीं मरना चाहिये।
लेखक पिंटू जांगड़े






