
बरमकेला। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर सारंगढ़ विधानसभा के बरमकेला इंद्रप्रस्थ स्टेडियम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आमसभा को संबोधित किया। जिसमें बरमकेला विकासखंड से हर ग्राम पंचायत से लगभग 20000 जनता सभा स्थल पहुंचे हुए थे। इस सभा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी की जय, छत्तीसगढिय़ा, सारंगढ़ीया,व दीपावली की बधाई एवं शुभकामनाओं के साथ अपने उद्बोधन देते हुए कहा कि सबसे बड़े बात सारंगढ़ को जिला बनाया उत्तरी के प्रयास और भूपेश सरकार के साथ साकार हुआ जो सबसे बड़ी मांग था वही कहां की एक तरफ धान की लुवाई चलत है तो दूसरे तरफ तिहार है, तो तीसरी तरफ प्रजातंत्र के भी बड़े त्यौहार है 17 तारीख को आपमन सब मतदान देने के लिए जाएंगे, आचार संहिता के कारण बरमकेला में ट्रेजरी और अनुविभाग खोलने की घोषणा नहीं किया मगर इशारा ही इशारे में सभी काम होगा। और भाजपा के 15 साल के शासनकाल को लेकर निशाना साधा। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि किसानों को 2100 रुपये देने की बात कहा गई थी, लेकिन रुपये नहीं दिए। आदिवासी को जर्सी गाय देने की बात कही गई थी, लेकिन किसी को जर्सी गाय नहीं मिली। भाजपा द्वारा 15 साल के शासनकाल में छत्तीसगढ़ में किसानों, युवाओं महिलाओं के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। लेकिन कांग्रेस सरकार लगातार छत्तीसगढ़ के जनता के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस बार भी अगर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनती है तो किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। इसके साथ ही और जो 17 वादे किए गए हैं सभी को पूरा किया जाएगा। रमन सिंह ने सभी को धोखा देने का काम किया है. अब बीजेपी अब मोदी जी की गारंटी की बात कर रही है. मोदी जी ने कहा था कि काला धन वापस लाएंगे, हर खाते में 15 लाख रुपये डालेंगे, लेकिन नहीं डाला. न काला धन आया, न पैसा जमा हुआ. भाजपा ने नोटबंदी कर लोगों को परेशान किया। आज तक यह नहीं बताया गया कि काला धन कितना है. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर वादा किया गया बोनस देने की अनुमति मांगी लेकिन आदेश नहीं दिया गया.मैं बरमकेला में घोषणा करता हूं कि सरकार बनते ही दो साल का बोनस मैं दूंगा 7 माता बहन के लिए गृह लक्ष्मी योजना के तहत हर साल 15000 महिलाओं के खाते में जमा किया जाएगा।
इस अवसर पर उत्तरी गणपत जांगड़े अरुण मालाकार, गणपत जांगड़े,ताराचंद पटेल, किशोर पटेल, महेश देहरी, कन्हैयालाल सारथी, गोपीनाथ नायक, गंगाप्रसाद चौधरी, बिहारी पटेल, सुशील नायक, घनश्याम इजारदार, विशिकेशन चौहान, पुष्पराज सिंह बरिहा, संपत पटेल, ठाकुरराम पटेल, गोपाल बाघे, शरद यादव, बंटी साहू, महेश नायक, राकेश नायक, नवीन इजारदार , सुनील शर्मा, मनोज पटेल, लक्ष्मण भोई, श्रीमंत भोई उसतराम पटेल, तिलक नायक , भरत नायक सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।






