
बरमकेला: भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती समारोह ग्राम पतरापाली में उत्साह से मनाया गया तथा साथ-ही-साथ ग्राम संगठन का बैठक भी रखा गया।
माता सावित्रीबाई फुले महिला स्व सहायता समूह पतरापाली के तत्वावधान तथा नव किरण ग्राम संगठन पतरापाली एवं साक्षी ग्राम संगठन उल्दा के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम पतरापाली के सरपंच छेदी लाल राठिया जी रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में माता सावित्रीबाई फुले के छायाचित्र पर दीप प्रज्जवलित करते हुए पुष्पमाला अर्पित किया गया तत्पश्चात बिहान के सभी सदस्यों के द्वारा प्रार्थना एवं परिचय करते हुए समारोह की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं के लिए विद्यालय खोलने के साथ-साथ विधवा पुनर्विवाह, समाज से उपेक्षित संतानों के लिए पालना घर सहित अनेक क्रांतिकारी सामाजिक कार्य किए हैं जो तात्कालीन समाज में अत्यंत चुनौतिपूर्ण था।
कार्यक्रम का संचालन कर रहीं ग्राम संगठन तथा समिति की अध्यक्ष प्रियंका गुप्ता ने माता सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
सक्रिय महिला मनीषा चौहान दीदी एवं सक्रिय महिला सावित्री पटैल दीदी द्वारा महिलाओं को बिहान की योजनाओं के बारे में तथा सावित्रीबाई फुले जी के संघर्ष के बारे में बताया गया।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में प्रधानपाठक सावित्री जायसवाल,रामप्यारी राठिया सचिव, पूर्णिमा जायसवाल, शांति धनवार, सोनी बाई, कचरा बाई राठिया, संतोषी, सुनीता, रथकुंवर, रामबाई सिदार, सरस्वती, तिलकुवर, कुसुम राठिया, रामकुमारी राठिया, प्यारी बाई राठिया, धुराई राठिया, धनेश्वरी राठिया, गीता, वृन्दा, कल्पना, संतोषी सिदार, सुलोचना, राजेश्वरी, रूक्मिणी राठिया एवं अन्य ग्राम पतरापाली एवं उल्दा के महिलाओं की शानदार उपस्थिति रही एवं कार्यक्रम में सभी ने उत्साह से भाग लिया।






