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नगर के प्रमुख शीतला तालाब की बर्बादी के लिए नगर पंचायत उतई के कांग्रेस और भाजपा पार्षद संयुक्त रूप से दोषी,बिना किसी विरोध के मिलीभगत कर लिया प्रस्ताव

तालाब के एक किनारे गौठान के प्रस्ताव का भी मोहल्ले वासी कर रहे विरोध, गौठान के लिए पाटी गई मिट्टी खोदकर, तालाब के खाई हो चुके हिस्से हो बराबर करने की मांग उठी

उतई नगर पंचायत उतई के प्रमुख शीतला तालाब की लद्दी निकालने और सौंदरीकरण करने के बहाने नगर पंचायत उतई द्वारा एक प्रस्ताव लेकर कलेक्टर दुर्ग के माध्यम से अनुमति करवाकर भारत माला योजना के ठेकेदार को खोदाई के लिए दे दिया गया ।खोदाई के बहाने उनके द्वारा तालाब की व्यवस्थित खुदाई की बजाय मनमाने तरीके से अनेक स्थानों पर गहरे और खतरा नुमा खाई नुमा गढ्ढे खोद दिए गए जिससे तालाब आज बर्बादी की ओर अग्रसर हो चुका है यदि इस स्थिति में तालाब में पानी भर भी दिया जाय तो निस्तारी करने वालों की जान को सदैव खतरा बना रहेगा और अचानक कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है ।

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर बात यह है की इस खुदाई हेतु लिए गए प्रस्ताव का नगर पंचायत उतई की कांग्रेस सरकार का किसी भाजपाई पार्षद ने भी विरोध नही किया अपितु पूरी सहमति के साथ समर्थन देते हुवे हस्ताक्षर किया जो इस बात का प्रमाण है की शीतला तालाब की बर्बादी में नगर की कांग्रेस सरकार की जितनी जवाबदेही है उतनी की जवाबदेही सदन के भाजपा पार्षदों की भी है जिन्होंने आंखे मूंद कर इस बर्बादी के प्रस्ताव का समर्थन किया। खोदाई प्रारंभ होने के बाद विधायक के करीबी कुछ भाजपाइयों की गाड़ियां भी महीनों तालाब में चली जिससे उन्होंने काफी आर्थिक लाभ भी निश्चित ही लिया होगा। किन्तु इस दौरान दुर्भाग्य यह रहा की नगर के प्रतिनिधि होने के बाद भी उन्होंने नगर की व्यवस्था बिगाड़ने में तालाब की बर्बादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुल मिलाकर कहा जा सकता है की दोनो प्रमुख दलों के पार्षदों और नेताओं की तालाब की बर्बादी में महत्वपूर्ण भूमिका रही है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।

गौठान का विरोध कर रहे निस्तारी करने वालें मोहल्ले वासी ,उसी पटी मिट्टी को खुदवाकर खाई हो चुके तालाब को पाटने की कर रहे मांग

तालाब के इस किनारे में खुदाई की मिट्टी पाटकर गौठान बनाने की बात नगर पंचायत द्वारा स्वीकार की जा रही है वहीं दूसरी ओर अनेक स्थानों पर खाई नुमा गढ्ढे खोद दिए गए है ।जिससे भविष्य में खतरा हो सकता है जिसकी सुरक्षा को देखते हुवे,तालाब में निस्तारी करने वाले मोहल्लेवासियों ने सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष युवा एकत्रित होकर नगर पंचायत का घेराव कर दिया और उनकी मांग है की गौठान ना बनाया जाय बल्कि गौठान के लिए पाटी गई मिट्टी को पुनः खुदवाकर तालाब के अनेक हिस्सों में जहां खाई और बड़े बड़े गढ्ढे खोद दिए गए है उन्हे पाटकर तालाब को सही किया जाय।

ज्ञापन सौंप दिया दो दिन का समय ,बुधवार को नगर के मुख्य बाजार चौक चौराहे पर आंदोलन की चेतावनी

मोहल्ले वासियों की नाराजगी का आलम कल उस वक्त देखने को मिला जब वो सैकड़ों की संख्या में नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे किंतु नगर पंचायत से मुख्य कार्यपालन अधिकारी नदारद थे उनके किसी आफिस कार्य से रायपुर जाने की बात आफिस में उपस्थित अभियंता द्वारा दी गई ।

शाम किया तालाब का निरीक्षण , जेसीबी लगाकर सुधारने की तैयारी

नगर पंचायत के इंजीनियर ने देर शाम कुछ ठेकेदार और जन प्रतिनिधियों को लेकर तालाब का निरीक्षण किया गया और उसका सुधार कार्य प्रारंभ करवाया गया । किंतु महीनों तक लगातार खोद खोद कर बना दी गई खाई दो चार दिनों या सप्ताह भर मे कैसे नगर पंचायत ठीक करेगी यह समझ से परे है ।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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