
सारंगढ़ / आपने किराए पर सामान, गाड़ी या घर लेने कि बात तो सुनी होगी, लेकिन आज हम आपको जो वाक्या बताने वाले हैं उसमे किराए पर शिक्षक स्कूल मे रख लिया गया है, ये पूरा मामला सारंगढ़ के बरमकेला ब्लॉक का है जहाँ के सुदूर वनांचल क्षेत्र के सेमरापाली प्राथमिक शाला मे किराए के शिक्षिका अध्यापन करवा रही है, बहरहाल ग्रामीणों ने बताया कि सेमरापाली मे पदस्थ शिक्षक किशोर छत्तर ने अपनी मनमानी करते हुए स्कूल मे आकर हाजरी रजिस्टर मे दस्तखत करके अन्य काम हेतु घर चल देता है यह सिलसिला 07 सालो से चल रहा है, शिक्षक ने अपने बदले मे एक महिला टीचर कि व्यस्था कर दिए ताकि सरकारी तनख्वाह मिलती रहे और पढ़ाने कि झंझट भी ना रहे, इसलिए गांव के ही एक महिला कि नियुक्ति कर दी है, छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों कि अच्छी शिक्षा के लिए शिक्षकों कि कमी पूरा कर रही है, स्कूलों मे अच्छी व्यवस्थाओ के लिए पानी कि तरह पैसा बहाया जा रहा है लेकिन सारंगढ़ क्षेत्र मे अफसरों का निरिक्षण ना करने का फायदा शिक्षक उठा रहे हैं, वो इसी तरह घर बैठे सैलरी लेकर किराए के शिक्षकों से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीण काफ़ी आक्रोश हैं आखिर इन लापरवाह शिक्षक पर कब होगी कार्यवाही?

पढ़िए क्या कहते है ग्रामीण…
ग्रामीण रघु सिदार व बुधराम मुगरी ने बताया कि सरकारी शिक्षक स्कूल आकर दस्तखत करके चला जाता है कभी स्कूल के बच्चों को नहीं पढाता है बल्कि गांव के हेमलता चौहान को पढ़ाने के लिए पदस्थ किया है शिक्षक कि मनमानी चरम पर है।

क्या कहती प्रधान पाठक पढ़िए…
आज तो शिक्षक किशोर छत्तर बिना बताए कहाँ चला गया है मुझे मालूम नहीं, पर कभी कभार स्कूल मे रहते हैं, और कभी कभार नहीं रहते,हेमलता चौहान पढ़ाने स्कूल आती है पर पूछने पर स्वंय सेविका शिक्षक हुँ बोलती है।

जब हमने इस विषय पर शिक्षक से वर्सन लेना चाहा तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा,खबर चलने के बाद अब आगे यह देखना होगा कि ऐसे शिक्षको पर कार्रवाई की जाती है या नहीं।.?






