
सरगुजा:- जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलदगी में एक पत्रकार के साथ हुए विवाद मामले में पुलिस की भूमिका अब संदेह के घेरे में आ गई है। मामला 6 अगस्त की रात लगभग 10:11 बजे का है, जब गांव के ही दो युवक शराब के नशे में पत्रकार के घर के पास पहुंचे और अश्लील गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने लगे।
पीड़ित पत्रकार के अनुसार, उक्त दोनों युवक अगली सुबह फिर घर पहुंचे और पूरे परिवार के साथ विवाद करते हुए माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। इसके बावजूद, पुलिस ने वास्तविक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
इसके उलट, लखनपुर थाना में पदस्थ हेड कांस्टेबल रवि सिंह एवं थाना प्रभारी की प्रमुख भूमिका बताते हुए आरोप लगाया गया है कि उनकी मिलीभगत से पत्रकार के खिलाफ बिना किसी जांच, बिना साक्ष्य के झूठी एफआईआर दर्ज कर ली गई।
पत्रकार ने पुलिस पर पैसे के लेन-देन का गंभीर आरोप भी लगाया है, हालांकि इस पूरे मामले की न तो निष्पक्ष जांच की गई और न ही काउंटर केस दर्ज किया गया।
इस पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत सरगुजा पुलिस अधीक्षक (SP), कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी गई, लेकिन आज तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर अधिकारी इस मामले में चुप क्यों हैं?
स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों में रोष है कि जब नेता या मंत्री के खिलाफ मामूली टिप्पणी पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो जाती है, तो एक पत्रकार के साथ खुलेआम गाली-गलौज, धमकी और उत्पीड़न के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?
लोगों का कहना है कि सरगुजा जिले में कानून व्यवस्था दिन-प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है, जिससे अपराधियों का हौसला बढ़ रहा है। पुलिस की लापरवाही, पक्षपात और कथित भ्रष्टाचार ही अपराध को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि
क्या सरगुजा पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों व आरोपियों पर कार्रवाई करेगी, या फिर यह मामला भी दबा दिया जाएगा?






