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ड्रोन पंडाल से सजेगा शब्दों का महाकुंभ11 जनवरी को गुरु घासीदास पुष्पबाटिका बनेगी सत्ता, पत्रकारिता और साहित्य का संगम

सारंगढ़। सारंगढ़ की पावन धरती एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। गुरु घासीदास पुष्पबाटिका परिसर में 11 जनवरी को आयोजित होने वाली प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला एवं रात्रिकालीन कवि सम्मेलन को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। अत्याधुनिक ड्रोन पंडाल, आकर्षक लाइटिंग और भव्य मंच सज्जा के साथ पुष्पबाटिका परिसर जगमगा उठेगा , जो आने वाले अतिथियों और साहित्य प्रेमियों का स्वागत करने को पूरी तरह तैयार है। इस भव्य आयोजन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। पत्रकारिता, सत्ता और साहित्य—तीनों धाराओं का यह संगम सारंगढ़ को प्रदेश के सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई ऊँचाई देने जा रहा है। ड्रोन पंडाल की विशेषता यह है कि यह न केवल आधुनिक तकनीक का प्रतीक है, बल्कि आयोजन को भव्य और यादगार बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
एक मंच पर विराजेंगे सत्ता, पत्रकार और साहित्यकार
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक ही मंच पर सत्ता के प्रतिनिधि, प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार, युवा मीडियाकर्मी और देश-प्रदेश के ख्यातनाम कवि-साहित्यकार विराजमान होंगे। प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला में मीडिया की वर्तमान चुनौतियाँ, पत्रकार सुरक्षा, जिम्मेदार पत्रकारिता और बदलते डिजिटल दौर पर गंभीर मंथन होगा, वहीं रात्रिकालीन कवि सम्मेलन में शब्दों की ऐसी रसधार बहेगी, जो देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखेगी।
सारंगढ़ का मान, साहित्य का सम्मान यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सारंगढ़ के मान और पहचान का प्रतीक बन चुका है। गुरु घासीदास पुष्पबाटिका परिसर में जब कवियों की वाणी गूंजेगी और पत्रकारिता पर विचारों का आदान-प्रदान होगा, तब यह स्थल विचार, संवेदना और सृजन का जीवंत केंद्र बन जाएगा। आयोजन समिति की मंशा है कि सारंगढ़ को साहित्य और पत्रकारिता का स्थायी मंच बनाया जाए। भव्य मंच, आकर्षक सजावट और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ
कार्यक्रम को लेकर मंच सज्जा, बैठक व्यवस्था, ध्वनि और प्रकाश की अत्याधुनिक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। ड्रोन पंडाल की भव्यता दूर से ही लोगों को आकर्षित कर रही है। आयोजकों के अनुसार, दर्शकों और अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कार्यक्रम स्मरणीय बन सके।

11 जनवरी को इतिहास रचेगा सारंगढ़

11 जनवरी की शाम जैसे-जैसे ढलेगी, गुरु घासीदास पुष्पबाटिका परिसर शब्दों, तालियों और भावनाओं की रोशनी से नहा उठेगा। यह आयोजन न केवल पत्रकारों और साहित्यकारों के लिए, बल्कि आमजन के लिए भी एक सांस्कृतिक उत्सव साबित होगा।
निस्संदेह, यह प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला व रात्रिकालीन कवि सम्मेलन सारंगढ़ के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है—जहाँ विचार बोलेंगे, शब्द चमकेंगे और सारंगढ़ का नाम दूर-दूर तक गूंजेगा।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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