
रायगढ:- पुर्वांचल के जाने माने यूवा नेता सत्यम पंडा जो कि बहुत ही कम उम्र में राजनीति से जुड़ गए थे जो कि अब उन्हें राजनीति से सन्यास लेने का फैसला लिया है।छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों तक के लिए हमेशा सेवा में तत्पर लीन रहने वाले उनकी आवाज बुलंद करने वाले चाहे वो सामाजिक,धार्मिक,चिकित्सा के क्षेत्र में क्यों न हो हर पूर्वांचल क्षेत्र के कोई भी काम जिसमें सत्यम पंडा हमेशा आगे रहें।रक्तदान के क्षेत्र में हमेशा काम करने वाले और सामाजिक धार्मिक और चिकित्सा और शिक्षा को प्राथमिकता देने वाले युवा नेता सत्यम पंडा अब पुर्वांचल क्षेत्र में एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में निष्पक्ष कार्य करने का फैसला लिया है।

आपका अपना भाई अपना बेटा अपना दोस्त सत्यम पंडा सिर्फ युवाओं को ताकत देने के लिए आ रहा है।सत्यम पंडा ने राजनीति से सन्यास लेते वक्त युवाओं को एक अच्छा संदेश दिया राजनीति में मुझे खुद की ताकत का लोभ नहीं,मुझे तो मेरे अपनों ने बहुत ताकतवर बना रखा है।राजनीति करने के लिए हिम्मत चाहिए होती है।अगर आपके अंदर है तो आप भी जरूर करें।सामाजिक जीवन के बाद ही राजनीतिक जीवन की शुरुआत होता है।गुलामी की जंजीरों को तोड़कर यह कदम। उठा पाओ तो उठाना लेकिन किसी के बढ़ते कदम को रोकने की गलती कभी मत करना।






