चुनावभाजपाराजनीतिसामाजिक

रायगढ़ की बेटी खुशबू निर्विरोध बसना की नपं अध्यक्ष निर्वाचित,कांग्रेस आप समेत अन्य उम्मीदवारों ने लिया नाम वापस



विधायक डां संपत कि बहू को मिली जिम्मेदारी, भाजपा पार्टी को बड़ा फायदा, विपक्ष को झटका

रायगढ़। नगरीय निकाय चुनावों में रायगढ़ की एक बेटी ने कमाल कर दिया है। बसना नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सभी प्रत्याशियों के नाम वापस लेते ही वह निर्विरोध चुन ली गई। खुशबू रायगढ़ के अग्रोहा स्टील एंड पावर के संचालक सुरेश अग्रवाल की बेटी हैं जिनका विवाह बसना के डॉ. अभिषेक अग्रवाल से हुआ है। नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान ही भाजपा कई कदम आगे निकल चुकी है। कई निकायों में प्रत्याशी लडऩे के बजाय नाम वापस ले रहे हैं।
बसना नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने डॉ. खुशबू अग्रवाल को उतारा है। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में तीन प्रतिद्वंद्वी थे। शुक्रवार को नाम वापसी का अंतिम दिन था। मुकाबले में कांग्रेस की तुलसी गौतम बंजारा, आम आदमी पार्टी की अमरीन इल्लू गीगानी और निर्दलीय भाग बाई टंडन थीं। नाम वापसी से एक दिन पहले तक मुकाबला रोचक नजर आ रहा था, लेकिन शुक्रवार को कांग्रेस, आप और निर्दलीय प्रत्याशी ने नाम वापस लेकर डॉ. खुशबू अग्रवाल को वाकओवर दे दिया। बसना में इस बात को लेकर काफी चर्चा है।
भाजपा प्रत्याशी डॉ. खुशबू अग्रवाल के निर्विरोध निर्वाचित होने पर रायगढ़ में भी खुशी जताई जा रही है। खुशबू रायगढ़ जिले की ही बेटी हैं। उनके पिता सुरेश कुमार अग्रवाल (कुड़ुमकेला) हैं जो अग्रोहा स्टील एंड पावर लिमिटेड पाली के संचालक भी हैं। खुशबू का विवाह बसना के अग्रवाल नर्सिंग होम के संचालक डॉ. नंद किशोर अग्रवाल के बड़े बेटे डॉ. अभिषेक अग्रवाल हैं। खुशबू की कामयाबी से ससुराल और मायके में खुशियां बिखरी हैं। सभी जानने वाले उनको बधाई दे रहे हैं।



आकड़ों में भाजपा की बढ़त

बसना नगर पंचायत में भाजपा की स्थिति पहले से ही मजबूत थी। नगर में 15 वार्डों में से भाजपा समर्थित पार्षदों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालिया चुनाव परिणामों और नगर पंचायत अध्यक्ष पद की जीत से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने न केवल बड़े शहरों में बल्कि छोटे कस्बों और नगर पंचायतों में भी अपना दबदबा कायम किया है।

भाजपा पार्टी को बड़ा फायदा,विपक्ष को झटका

बसना नगर पंचायत में भाजपा की डॉ. खुशबू अग्रवाल की निर्विरोध जीत से जहां एक ओर पार्टी को स्थानीय स्तर पर बड़ा फायदा हुआ है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ है। कांग्रेस, आप और निर्दलीय उम्मीदवारों का नाम वापसी करना इस चुनाव के पूरे परिदृश्य को बदलने वाला निर्णय साबित हुआ। अब आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस जीत को आगे किस तरह से राजनीतिक रूप से भुनाती है और विपक्षी दल इससे किस प्रकार निपटते हैं।

विपक्ष का नाम वापसी और राजनीति में बदलाव

कांग्रेस, आप, और निर्दलीय उम्मीदवारों के नाम वापसी के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। जहां एक ओर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसे पार्टी के आंतरिक मतभेदों और गुटबाजी से जोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह भाजपा के चुनावी प्रबंधन की सफलता का परिणाम है।इस घटना के बाद नगर की जनता में भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं। कई लोग इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक मानते हैं, वहीं भाजपा समर्थक इसे जनसमर्थन का प्रमाण मानते हैं।

बसना विधानसभा से भाजपा के विधायक संपत अग्रवाल की बहू डॉ. खुशबू अग्रवाल को भाजपा ने इस चुनाव में प्रत्याशी बनाया था। डॉ. खुशबू अग्रवाल की निर्विरोध जीत से बसना नगर पंचायत में भाजपा का राजनीतिक दबदबा और भी मजबूत हो गया है। भाजपा समर्थकों ने इसे विकास की राजनीति की जीत बताया है।

आपको यह पोस्ट कैसा लगा ? समीक्षा जरूर दें!

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button