
महासमुंद:-मानवीय शिक्षा शोध केंद्र तेंदुवाही ने मानवीय जागृति सेवा संस्थान रायगढ़ के ३५शिक्षकों व छत्तीसगढ़ के २२जीवन विद्या केंद्रों से आये २००प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत करते हुए, जीवन विद्या के लोक व्यापीकरण के लिए रायगढ़ के सरकारी शिक्षकों के प्रयोगों व प्रयासों को प्रेरणा दायी व अनुकरणीय बताते हुते शिक्षक श्री गेंदलाल कोकडिया, संचालक मानवीय शिक्षा शोध केंद्र तेंदुवाही ने बताया कि ,३५शिक्षकों ने प्रतिमाह २०००रुपये अंशदान अपने वेतन से देकर ४० लाख रुपए राशि एकत्र कर मानव समाज की सेवा के लिए मानवीय जागृति सेवा संस्थान रायगढ़ आश्रम की स्थापना किए,जो कि प्रेरणा दायी है,जीवन विद्या लोक व्यापीकरण अभियान में उपस्थित पूज्य अंबा दीदी जी ने सरकारी शिक्षकों के स्वधन से बने आश्रम को सरकारी शिक्षकों के त्याग, तपस्या,और सेवा का प्रमाण स्थली बताते हुए पूज्य ए.नागराज जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सरकारी शिक्षकों को जीवन विद्या का एक वर्षीय अध्ययन शिविर करवाने के लिए छग राज्य शैक्षणिक अनुसंधान व शैक्षणिक परिषद व सरकार के प्रति कृतज्ञता अर्पित की,श्री सोम देव त्यागी प्रबोधक जीवन विद्या ने विकसित भारत , विकसित विश्व निर्माण में जीवन विद्या की भूमिका को रेखांकित करते हुए शिक्षकों को ग्यान का दिया जाये रखने के लिए साधुवाद दिये, सरकारी शिक्षकों व समाज सेवियों तथा, अभिभावकों को सुखपूर्वक जीने के लिए जीवन विद्या का अध्ययन अनिवार्य बताये,डाक्टर संकेत ठाकुर जी, अंतरराष्ट्रीय मानव वैग्यानिक ने सरकारी शिक्षकों को प्रतिदिन चेतना विकास मूल्य शिक्षा का पाठ अनिवार्य रूप से स्कूलों में पढ़ाने का आह्वान किए,व छत्तीसगढ़ सरकार से सरकारी शिक्षकों को जीवन विद्या का एक वर्षीय अध्ययन शिविर अभ्युदय संस्थान अछोटी से कराने का आग्रह किया,कार्यक्रम में श्री बाबूलाल नायक ,श्री शुक्लांबर, सुश्रीमीना ,श्री सुरेन्द्र गुप्ता, श्री वेणु धर इजारेदार,श्री अनिल साव,श्री नित्यानंद डड़सेना, श्रीमती उर्मिला मंगल सिदार,श्री हेमलाल, श्री हिमाचल पटेल,श्री मधुराम पटेल,रूपा सिधार, लक्ष्मी सिधार, श्रीमती राखी कोकडिया,के अलावा आंवरी, दुर्ग, धमतरी, बिलासपुर, महासमुन्द, बसना से योग्य राम सिदार,रायपुर, अछोटी, बेमेतरा आदि अनेक स्थानों से शिक्षक व समाज सेवी पधारे थे,






