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समय सीमा बनाकर क्षेत्रीय जवाबदेही से नहीं भाग सकती एनटीपीसी तिलाइपाली प्रबंधन – सुलोचना राठिया

आखिर प्रभावित किसानों से मिलने से क्यो कतरा रहे हैं इकाई प्रमुख.?

सुलोचना राठिया सर्व आदिवासी समाज की नेता ने एनटीपीसी तिलाइपाली प्रबंधन पर आरोप आरोप लगाया है की एक ओर जहाँ प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर तमाम मंत्री विधायक कलेक्टर एसपी एसडीएम तहसीलदार आमजन के लिए सुलभ होकर उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका दे रही है, वही दूसरी ओर देश की महारत्न कंपनी एनटीपीसी तिलाइपाली खनन परियोजना के इकाई प्रमुख क्षेत्रीय प्रभावित आदिवासी किसानों की समस्याओं से भागते नज़र आ रहे हैं। सर्व आदिवासी समाज एनटीपीसी तिलाइपाली प्रबंधन के ऐसे कृत्य की घोर निंदा करते है

प्रभावित किसान परशु राम का आरोप है कि इकाई प्रमुख द्वारा सप्ताह में केवल 3 दिन वह भी शाम को मात्र एक घंटा मुलाकात का समय तय कर दिया गया हैं, लेकिन उस समयसीमा में भी उनसे मिल पाना कठिन होता है। देखा जाए तो समयसीमा केवल खानापूर्ति के लिए ही बनाई गई है। इससे यह लगता है कि लोगों की समस्याएं सुनने से एनटीपीसी भाग रही है ।

प्रभावित किसानों का कहना है कि जब वे इनके द्वारा बताए गए निर्धारित समय पर जाते हैं, तो साहब कभी मीटिंग में है तो कभी बाहर गए है का रटारटाया जवाब मिलता है। आलम तो यह है कि इकाई के एचआर आर-आर जैसे विभाग के अधिकारी भी लोगो से मिलने या उनकी समस्याओं को सुनने से गुरेज करते हैं और अपने वातानुकूलित ऑफिस के चेम्बर में सुकून भरा दिन गुज़ारते देखे जाते हैं।

असल में देखा जाए तो एनटीपीसी क्षेत्र के गरीब किसानों की जमीन से खरबों का कोयला निकाल कर सिर्फ मुनाफा कमाने का काम कर रही है। खनन इकाई प्रमुख सोमेश बंदोपाध्याय को इस क्षेत्र के गरीब आदिवासी लोगों की तनिक भी फिक्र नहीं है। लेकिन जब क्षेत्र की जनता इनके रवैये से त्रस्त होकर मजबूरन आंदोलन का रुख अख्तियार करती है तो उनके पास समय ही समय हो जाता है। एनटीपीसी इकाई प्रमुख के ऐसे आचरण को क्या कहेंगे ? इसी कारण इनके ऐसे कृत्य की सर्वत्र निंदा हो रही है ।

प्रभावित देव कुमार ने आरोप लगाया है कि एनटीपीसी तिलाइपाली खनन परियोजना ने शुरू से ही इस क्षेत्र के प्रभावित आदिवासी भोली भाली जनता को ठगने का काम किया है। मगर चंद फोटो खिंचवाने और तस्वीरों को समाचार पत्रों में छपवाकर अपनी खूबियों का बखान कर देने भर से ये अपने कृत्यों पर पर्दा नहीं डाल पाएंगे।

यही कारण है कि अब प्रभावित क्षेत्र के लोगों के सब्र का बाँध टूटता हुआ दिखाई पड़ रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के महिला समूह, युवा समूह में एनटीपीसी खनन इकाई प्रमुख के खिलाफ भारी आक्रोश व्यक्त है । सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार एनटीपीसी तिलाइपाली खनन इकाई प्रबंधन के खिलाफ युव वर्ग और महिलाओं के द्वारा अपने हक के लिए लड़ाई लड़ने के लिए किसी बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है ।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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