
रायगढ़: सोमवार को इलाज में लापरवाही और एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजने के कारण गर्भवती महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई थी। भास्कर मीडिया में समाचार प्रकाशन के बाद बुधवार को ही सचिव चिकित्सा शिक्षा ने सीएमएचओ को नोटिस भेजकर मामले में कार्रवाई करने और शासन को अवगत कराने के लिए लिखा।

इधर कलेक्टर ने सीएमएचओ को तुरंत पीड़िता से मिलकर हरसंभव मदद कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा खुद भी मेडिकल कालेज पहुंचे थे। उन्होंने डीन को व्यवस्था और बेहतर करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ
डा मधुलिका सिंह नोटिस मिलने के बाद मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचीं। मीडिया को मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 6 बजे नार्मल डिलीवरी के जरिए मृत बच्चे को निकाला। हालांकि सीएमएचओ ने डायरेक्टर हेल्थ को भेजे अपने जवाब में बताया कि महिला को सारंगढ़ से मेडिकल कालेज रेफर किया था। परिवार 100 बिस्तरों वाले मातृशिशु अस्पताल पहुंचा।
22 मई को सांरगढ़ से यहां पहुंचने के बाद से इलाज शुरू कर दिया था, लेकिन जांच में पता चला कि बच्चे की मौत 48 घंटे पहले ही हो चुकी थी। एमसीएच के स्टाफ ने महिला की सोनोग्राफी और मेडिकल कालेज जाने सलाह दी थी। महिला को मेडिकल कालेज में भर्ती करा 23 मई को उसको प्रसव कराया गया, मरीज (गर्भवती) ने मेसेरेटेड (गर्भाशय में मृत) बछ्छे को जन्म दिया।






