बरमकेला अभ्यारण्य में प्यासे वन्यप्राणी,सूखे टैंक लाखों की योजना पर भ्रष्टाचार का साया
बरमकेला / सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला गोमार्डा अभ्यारण्य के जंगलों में इन दिनों वन्य प्राणियों की भीषण गर्मी की मार से बेहाल है और काफी दयनीय भी हो चुकी है। शासन द्वारा वन्य जीवों की प्यास बुझाने के लिए जंगलों में लाखों रुपए खर्च कर पक्का टैंक (सासर) निर्माण कराया गया, ताकि गर्मी के दिनों में हिरण, जंगली सूअर, खरगोश सहित अन्य वन्य प्राणी पानी पी सकें। लेकिन जमीनी हकीकत ने शासन की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल में बने कई पक्के टैंक में जहा एक बूंद पानी तक नहीं है। पानी भराव के लिए शासन लाखों रुपए खर्च कर रहा है, बावजूद इसके टांके सूखे पड़े हैं और वन्य प्राणी पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों और वन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यह वन विभाग की बड़ी लापरवाही है। जिस स्थान पर वन्य प्राणियों के लिए जल व्यवस्था होनी चाहिए थी, वहां अब शराबियों का अड्डा बन चुका है। टांकों के आसपास शराब की बोतलें, सीसी और प्लास्टिक कचरा खुलेआम पड़ा हुआ दिखाई देता है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पानी भराव के नाम पर शासन से राशि जारी हो रही है, तो आखिर पानी क्यों नहीं भरा जा रहा है ? क्या बिना पानी भरे ही सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है?
लोगों का कहना है कि यदि किसी असामाजिक तत्व द्वारा इन सूखे टांकों या आसपास के जल स्रोतों में जहरीला पदार्थ डाल दिया जाए, तो बड़ी संख्या में वन्य प्राणियों की मौत हो सकती है। इसके बावजूद विभाग की उदासीनता चिंता का विषय बनी हुई है।






