
बरमकेला/सुधीर चौहान:- सत्र 2011 से विभिन्न शासकीय स्कूलों में सफाई कर्मचारी पद पर कलेक्टर के आदेशानुसार प्रधान पाठक के माध्यम से नियुक्ति किया गया है जो कि स्कूल के साफ़ सफाई, स्कूल परिसर के साफ़ सफाई, पानी के व्यवस्था, किचन गार्डन के देख रेख एवं पानी छिड़काव आदि बहुत से महत्वपूर्ण कार्य किया रहा है जो कि देखा जाए तो एक रेगुलर चपरासी के भांति कार्य किया जाता है।
आपको बता दे कि शासकीय प्राथमिक शाला परधियापाली में कार्यरत स्कूल सफाई कर्मचारी कार्तिक राम सारथी का रोड एक्सीडेंट में दिनांक 24/10/2024 को निधन हो गया , जिसके पांच छोटे छोटे बच्चे हैं और एक छः माह का दुधमुंही बच्चा है, बहुत ही गरीबी स्थिति है ऐसे में स्व कार्तिक राम सारथी के धर्म पत्नी लीला सारथी करे तो क्या करे एक ही आश लगाई बैठी है की उसके पति का कार्य पत्नी को मिले ताकि अपने पांच छोटे छोटे बच्चों का भरण पोषण एवं जीवन निर्वाह कर सकें, परन्तु शासकीय प्राथमिक शाला परधियापाली के प्रधान पाठक नियुक्ति के लिए मौखिक रूप से मना कर रही है, ऐसे स्थिति को देखते हुए अपने छः माह के बच्चे को पकड़कर वि ख शिक्षा अधिकारी बरमकेला को गुहार लगाने पहुंची और बी ई ओ को आवेदन निवेदन किया गया,जिसे बी ई ओ द्वारा सकारात्मक आश्वासन दिया गया है।

अब देखने वाला बात यह है कि बी ई ओ गरीब,विधवा महिला को उसके पति स्व कार्तिक राम सारथी के जगह उसकी पत्नी लीला सारथी (विधवा महिला) को स्कूल सफाई कर्मचारी पद पर नियुक्ति कराता है कि नहीं? इसके संबंध में शिक्षा विभाग को संज्ञान में लेते हुए त्वरित निराकारण कर ठोस कदम उठाना चाहिए।
*क्या कहते है स्कूल सफाई कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष ध्रुव यादव*
सत्र 2011 से शासकीय स्कूल के साफ़ सफाई का कार्य करते आ रहे है लगभग 12, 13 वर्ष हो गया ऐसे स्थिति में निधन हो जाने पर संबंधित के पत्नी को प्राथमिकता मिले। अगर मृत व्यक्ति के पत्नी की नियुक्ति नहीं होती है तो संघ द्वारा आन्दोलन करने की रणनीति बन सकती है जिसकी जवाबदारी शिक्षा विभाग की होगी।






