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वन विभाग की लापरवाही से तस्करों ने साफ की जंगल, तहसीलदार की कार्यवाही से मचा हड़कंप

कुड़ेकेला:- कहते हैं जब रक्षक ही भक्षक बन जाए या अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ ले तो लुटेरों के हौसले बुलंद होना लाजिमी है। धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज में इन दिनों कुछ ऐसा ही आलम है। बेशकीमती वनों के लिए मशहूर यह क्षेत्र अब तस्करों की शरणगाह बन चुका है। हद तो तब हो गई जब वन विभाग की नाक के नीचे से ट्रक भरकर लकड़ियाँ पार की जा रही थीं और विभाग के अफसर चैन की बांसुरी बजा रहे थे।

तहसीलदार का एक्शन तस्करों का रिएक्शन:-बीती रात छाल तहसीलदार लोमस मिरी ने वह कर दिखाया जो वन विभाग को सालों पहले कर लेना चाहिए था। जब तस्कर ट्रक क्रमांक CG 04 JD 9323 में महानिम नीलगिरी और सागौन की कीमती लकड़ियाँ भरकर धरमजयगढ़ से खरसिया की ओर रफूचक्कर होने की फिराक में थे तभी तहसीलदार की टीम और पुलिस ने घेराबंदी कर दी। टीम को देखते ही चालक और हेल्पर चाबी लेकर जंगल के अंधेरे में गायब हो गए।*वन विभाग वेतन पूरा काम अधूरा*:-क्षेत्र में चर्चा आम है कि क्या यह तस्करी बिना विभागीय साठगांठ के संभव है। जहाँ शासन वनों के संरक्षण के नाम पर पानी की तरह पैसा बहा रही है वहीं छाल रेंज के जंगल कागजों में सिमटते जा रहे हैं। विभाग का आलम यह है कि हाथियों की मौत से भी नहीं टूटी नींद हाल ही में दो हाथी शावकों की पानी में डूबने से मौत हो गई लेकिन विभाग को खबर तब लगी जब उनकी सांसें थम चुकी थीं।वन विभाग केसूचना तंत्र पूरी तरह फेल तस्करों की खबर पुलिस और राजस्व विभाग को लग जाती है लेकिन करोड़ों के संसाधनों से लैस वन विभाग को भनक तक नहीं लगती।आरोप लग रहे हैं कि यहाँ के वनकर्मी केवल वेतन लेने और अपनी सुख-सुविधाओं तक सीमित रह गए हैं।यह महज एक ट्रक नहीं बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान है। आखिर किसकी शह पर जंगलों को छलनी किया जा रहा है।

बड़ी कार्रवाई से हड़कंप:-संयुक्त टीम की इस दबिश के बाद लकड़ी माफियाओं में खलबली मच गई है। प्रशासन अब फरार आरोपियों और ट्रक मालिक की तलाश में जुट गया है। लेकिन सवाल वही है क्या हर बार तहसीलदार को ही सड़क पर उतरना पड़ेगा वन विभाग आखिर कब अपनी जिम्मेदारी के प्रति जागेगाजंगलों की इस लूट और विभाग की इस गाफिल नींद ने क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों को आक्रोशित कर दिया है। अब देखना यह है कि इस बड़ी कार्रवाई के बाद ऊंचे पदों पर बैठे अफसरों की कुंभकर्णी नींद टूटती है या फिर यह खेल बदस्तूर जारी रहेगा।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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