शिक्षासामाजिक

दो साल बाद भी शुरू नहीं हुआ जर्जर स्कूलों का निर्माण, जनपद सदस्य ने कलेक्टर को लिखा पत्र..

सारंगढ़-बिलाईगढ़// बरमकेला विकासखंड के कई शासकीय स्कूलों के नए भवन और मरम्मत कार्य की स्वीकृति मिलने के दो वर्ष बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने का मामला सामने आया है। इसे लेकर जनपद सदस्य नीलम किशोर पटेल ने कलेक्टर को पत्र लिखकर जल्द कार्रवाई की मांग की है।

पत्र में बताया गया है कि वर्ष 2023 में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा कई जर्जर स्कूल भवनों के निर्माण और मरम्मत की स्वीकृति दी गई थी। इसके लिए जुलाई 2023 में टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी, लेकिन लगभग दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अधिकांश स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

खुले स्थानों और जर्जर भवनों में पढ़ने को मजबूर बच्चे

पत्र में उल्लेख किया गया है कि भवन नहीं बनने के कारण कई स्कूलों के छात्र-छात्राएं आज भी चौपाल, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन और पेड़ों के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। वहीं कई जगह जर्जर भवनों में ही कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। पत्र में कपरतुंगा, बारादावन और टिटहीपाली जैसे स्कूलों का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि कहीं स्कूल सामुदायिक भवन में तो कहीं पंचायत भवन में संचालित हो रहे हैं। वहीं टिटहीपाली प्राथमिक शाला की छत जर्जर होने के बावजूद वहीं बच्चों की पढ़ाई जारी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग

जनपद सदस्य नीलम किशोर पटेल ने कलेक्टर से पत्र के माध्यम से मांग की है कि जिन स्कूलों के भवन निर्माण और मरम्मत कार्य की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है, उनका काम तत्काल शुरू कराया जाए। उनका कहना है कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिलना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और इस मामले में अब और देरी नहीं होनी चाहिए।उन्होंने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

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Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

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