कानूनसरकारसामाजिक

कुनकुनी वेदांता रेलवे साइडिंग में पहुंच रही रेत पर सवाल, जबलपुर घाट से आपूर्ति की जांच की मांग

जबलपुर से कुनकुनी तक रेत परिवहन के आरोपों ने खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठाए सवाल, रॉयल्टी और परिवहन दस्तावेजों के सत्यापन की मांग

खरसिया, रायगढ़। रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में ग्राम जबलपुर के कथित रेत उत्खनन और कुनकुनी स्थित वेदांता रेलवे साइडिंग तक रेत पहुंचाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में रेत के वास्तविक स्रोत, परिवहन की वैधता और रॉयल्टी संबंधी दस्तावेजों की जांच की मांग की जा रही है। हालांकि, अवैध उत्खनन या किसी प्रतिष्ठान की संलिप्तता की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

जबलपुर घाट से कुनकुनी तक कैसे पहुंच रही रेत?

स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार, ग्राम जबलपुर से रेत निकालकर ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के माध्यम से कुनकुनी स्थित रेलवे साइडिंग तक पहुंचाई जा रही है। इन आरोपों की वास्तविकता सामने लाने के लिए परिवहन मार्ग, वाहनों की आवाजाही, रेत की मात्रा और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन आवश्यक है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि साइडिंग तक पहुंचने वाली रेत का स्रोत क्या है? क्या प्रत्येक खेप के साथ वैध रॉयल्टी और परिवहन दस्तावेज उपलब्ध हैं? इन बिंदुओं पर खनिज विभाग की जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रेत की आपूर्ति लेने वाले पक्ष की भूमिका भी जांच के दायरे में आए

मामले में केवल उत्खनन और परिवहन करने वालों की ही नहीं, बल्कि रेत की आपूर्ति प्राप्त करने वाले पक्ष की भूमिका की भी नियमानुसार जांच किए जाने की मांग उठ रही है। इसके लिए आपूर्तिकर्ताओं का विवरण, रॉयल्टी भुगतान, परिवहन दस्तावेज और साइडिंग में दर्ज रेत की आवक का मिलान किया जाना चाहिए।

यदि जांच में किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं की जिम्मेदारी उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर तय की जानी चाहिए। फिलहाल, किसी भी पक्ष को दोषी मानने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।

खनिज विभाग और जिला प्रशासन से जांच की मांग

रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन से जुड़े आरोपों को देखते हुए खनिज विभाग एवं जिला प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की जा रही है। अधिकारियों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित क्षेत्र में उत्खनन की अनुमति है या नहीं और परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेजों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

जांच के दौरान रेत के स्रोत से लेकर अंतिम गंतव्य तक आपूर्ति की पूरी कड़ी का सत्यापन किया जाना जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

अब जांच और कार्रवाई का इंतजार

खनिज संपदा के अवैध उत्खनन और परिवहन से शासन को राजस्व की हानि होने की आशंका रहती है। ऐसे में शिकायतों की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई महत्वपूर्ण है।

अब सवाल यह है कि ग्राम जबलपुर से कुनकुनी रेलवे साइडिंग तक पहुंचने वाली रेत के स्रोत और दस्तावेजों की जांच कब होगी? खनिज विभाग और जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करें। यदि अनियमितता प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

स्वतंत्र भारत न्यूज़ 24 — हर खबर आपकी आवाज।

आपको यह पोस्ट कैसा लगा ? समीक्षा जरूर दें!

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Sudhir Chouhan

पत्रकार सुधीर चौहान (संपादक) स्वतंत्र भारत न्यूज़ मो.नं.9098259961

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button