
सारंगढ़ बिलाईगढ़:- स्वतंत्र भारत न्यूज 24 के खबर का बड़ा असर देखने को एक बार फिर से मिला है। दरअसल, बरमकेला ब्लॉक के ग्राम धूमाभांठा में नल-जल योजना के नाम पर हो रही लापरवाही की खबर सामने आने के बाद पीएचई विभाग हरकत में आ गया। जानकारी मिलते ही पीएचई विभाग के अधिकारी खुद गांव पहुंचे और हालात देखकर ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई। मौके पर ही सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए।
एक साल से टूटी पड़ी सड़कें, ग्रामीण परेशान
धूमाभांठा के लोग पिछले एक साल से टूटी सड़कों और गलियों की परेशानी झेल रहे हैं। नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान ठेकेदार ने मुख्य सड़क और कई गलियों की सीसी रोड तोड़ दी थी। पाइप डालने के बाद सड़क मरम्मत की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। हालत यह है कि जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और धंसान बन गए हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक रोज गिरने की स्थिति में रहते हैं। कई लोग चोट भी खा चुके हैं।

खबर का असर, अधिकारी मौके पर पहुंचे
प्रकरण को लेकर स्वतंत्र भारत न्यूज़ 24 चैनल ने हाल ही में खबर प्रसारित की थी। इसके बाद जनपद सदस्य गणेशी चौहान ने भी विभागीय अधिकारियों से फोन पर बात कर तुरंत कार्रवाई की मांग की और बरमकेला के बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जवाहर नायक से भी शिकायत की जिसको लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष जी ने तत्काल विभागीय अधिकारी को फोन पर कार्य सुधार हेतु निर्देशित किया। मामला गंभीर देखते हुए पीएचई एसडीओ बी एल खरे धूमाभांठा पहुंचे और पूरी स्थिति का निरीक्षण किया।
उन्होंने सड़क किनारे पड़े बड़े-बड़े पत्थरों और फैले मलबे को देखकर नाराजगी जताई। ठेकेदार को मौके पर ही फटकार लगाते हुए कहा कि सभी पत्थर तुरंत हटाए जाएं और रास्ता पूरी तरह साफ किया जाए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि काम की गुणवत्ता में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।
अधिकारी की फटकार के बाद हरकत में आया ठेकेदार
निर्देश मिलते ही ठेकेदार की टीम ने पत्थरों को हटाने का काम शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, लेकिन साथ ही उनके मन में सवाल भी उठ रहे हैं।
ग्रामीणों के सवाल अब भी बाकी,बाउंड्री बाल भी नही बना
गांव वालों का कहना है कि पत्थर हटाना एक छोटा हिस्सा है। बड़ी समस्या टूटी सड़कों और गलियों की है। पानी टंकी का बाउंड्री बाल भी अभी तक नही बना जिससे कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बोर के केबल वायर की भी आए दिन चोरी हो रही है। असमंजस भरे सवाल अब भी है कि क्या इस फटकार के बाद ठेकेदार द्वारा मरम्मत और बाउंड्री बाल का कार्य भी शुरू किया जाएगा? या फिर सड़क किनारे पड़े चंद पत्थर उठाकर अधिकारी और ठेकेदार वाहवाही लूटकर चले जाएंगे ?
इन सवालों का जवाब तो आने वाला वक्त ही देगा। फिलहाल इतना जरूर है कि खबर का असर हुआ है और धूमाभांठा की लंबे समय से नजरअंदाज हो रही समस्या अब अधिकारियों की नज़र में आ चुकी है।






