
सारंगढ़ जिला इन दिनों खबरों से ही नहीं, कविताओं की खुशबू और शब्दों की गूंज से भी गुलज़ार होने वाला है। जिले के पत्रकार साथियों ने मिलकर एक भव्य कवि सम्मेलन एवं साहित्यिक कार्यशाला के आयोजन की तैयारी तेज कर दी है।
चाय की चुस्कियों के साथ बैठकों का दौर चल रहा है, मोबाइल पर कॉल और व्हाट्सएप ग्रुप में लगातार चर्चाएँ हो रही हैं—कौन कवि आएंगे, किस विषय पर कार्यशाला होगी, मंच सज्जा कैसी रहेगी और श्रोताओं को कैसे जोड़ा जाए। साफ़ दिख रहा है कि यह आयोजन सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सारंगढ़ की साहित्यिक पहचान को मजबूत करने का प्रयास है।

इस कवि सम्मेलन में जहाँ स्थानीय कवियों को मंच मिलेगा, वहीं बाहर से आने वाले रचनाकार अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर करेंगे। दूसरी ओर कार्यशाला में नवोदित कवि, युवा लेखक और पत्रकार कविता, लेखन शैली, मंच संचालन और प्रस्तुति की बारीकियाँ सीखेंगे।

पत्रकार साथियों का कहना है कि— “खबरों की दुनिया के बीच साहित्य को जीवित रखना भी हमारी ज़िम्मेदारी है।”

यही सोच इस आयोजन की आत्मा बन गई है। जल्द ही कार्यक्रम की तिथि 11 जनवरी, स्थान और अतिथियों की सूची भी सार्वजनिक की जाएगी।

सारंगढ़ तैयार है—
शब्दों का स्वागत करने, भावनाओं को मंच देने और साहित्य का उत्सव मनाने के लिए।
अब बस इंतज़ार है उस दिन का, जब कलम बोलेगी और कविता तालियों में गूंजेगी।






