
रायगढ़:- समाजसेवी शंकरलाल अग्रवाल के नेतृत्व में कुकुर्दा और केशला के बाद तरडा में तीसरा कीर्तन सम्मेलन हुआ संपन्न,तीसरे सम्मेलन में 17 गांव के 24 कीर्तन पार्टि के सात सौ पच्चास कलाकारों ने लिया भाग रायगढ़ के ख्याति प्राप्त समाजसेवी तथा जिला कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष व कीर्तन महासम्मेलन 2023 के कार्यक्रम संयोजक शंकरलाल अग्रवाल के संयोजन में संचालित तृतीय कीर्तन सम्मेलन का आयोजन ग्राम पंचायत तरडा में ग्रामीणों द्वारा किया गया । दो दिवसीय सम्मेलन में क्षेत्र के लगभग 17 गांव के 24 पार्टी के लगभग सात सौ पच्चास कीर्तन कलाकार और पुसौर के अलग-अलग गांव से लगभग 5 से 7 हजार आम नागरिक तथा कीर्तन प्रेमि शामिल हुए है। कार्यक्रम में शामिल हजारों की संख्या में लोगों ने समाजसेवी शंकर लाल अग्रवाल के द्वारा चलाए जा रहे अभियान का समर्थन किया है । कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक तथा सामाजिक कार्यकर्ता एवं महिलाओं का सम्मान मंच पर किया गया।
छत्तीसगढ़ के मूल संस्कृतियों में से एक सनातन संस्कृति का अभियान अंग नाम यज्ञ और हरी कीर्तन जिसे ग्रामीणों द्वारा ग्रामीण स्तर पर आयोजित किया जाता है । परंतु इससे जुड़े कलाकार और कीर्तन दलों के सदस्यों को शासन प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का सहायता और मदद नहीं मिलने से यहां संस्कृति ग्रामीण स्तर तक ही सीमित है। इस संबंध में कीर्तन महासम्मेलन के संयोजक तथा रायगढ़ के वरिष्ठ समाजसेवी शंकरलाल अग्रवाल ने मंच से बताया कि उनके द्वारा चलाए गए समाजिक संस्कृति एवं ग्रामीण परिवेश को प्रोत्साहित करने की मुहिम से क्षेत्र के हजारों लोग जुड़ चुके हैं। उनका उद्देश्य ग्रामीण व सामाजिक परिवेश तथा सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने का है। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायत कुकुर्दा, केशला और अब तरडा में तीसरा सम्मेलन क्षेत्र के आम जनता और कीर्तन मंडलियों के सहयोग से संपन्न हुआ है। मंच से श्रोताओं को संबोधित करते हुए शंकर वाल अग्रवाल ने कहा इस आयोजन को सफल बनाने के लिए कीर्तन से जुड़े सभी लोग ग्राम पंचायत तरडा के सभी नागरिक महिलाएं तथा कार्यकर्ता गण बधाई के पात्र हैंं। सम्मेलन के लिए लगातार डटकर मेहनत की और हजारों लोगों के भंडारे से लेकर ठहरने तक की व्यवस्था ग्रामीणोंं ने है । शंकर लाल ने आगे बताया कि यह कार्यक्रम जन सहयोग से ही संपन्न हो रहा है और आगे भी सरिया, पुसौर ,बरमकेला और रायगढ़ में कई कार्यक्रमों का आयोजन होना है हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ कला संस्कृति में भी कीर्तन किया जाए तथा कीर्तन से जुड़े कलाकारों का विधिवत पंजीयन हो सके। कार्यक्रम के चालन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोरंजन नायक दयानंद मिश्रा ,सत्यम पंडा, राजेंद्र गुप्ता, बलराम भोय, दीपक मिश्रा, सुरेंद्र भोय, ईश्वर सरल, गिरधारी सरल, सचिदा सा, जयराम प्रधान, भरत सा, नरसिंह प्रधान, सुभाष सेठ, बल्लभ श्रीवास, जगदीश श्रीवास, बजरंग यादव, संतराम यादव, दिनेश विश्वकर्मा ,संदीप प्रधान , ग्राम पंचायत के सभी महिला समूह तथा अन्य गणमान्य नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 12 अप्रैल बुधवार को अधिवास पूजन के साथ प्रारंभ हुआ अष्ट प्रहरी नाम यज्ञ 13 अप्रैल गुरुवार के सम्मेलन तथा नगर कीर्तन और भंडारे में हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ी पिछले 2 दिनों से पूरे क्षेत्र का वातावरण धार्मिक तथा सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने की इस मुहिम से जुड़ा हुआ नजर आया।

इन्होंने किया कार्यक्रम को संबोधित
कार्यक्रम के स्वागत संबोधन में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीकांत मिश्रा ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत करते हुए समाजिक संस्कृति एवं ग्रामीण परिवेश के इस मुहिम की जमकर प्रशंसा की साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि शंकर अग्रवाल जी के द्वारा चलाए जा रहे अभियान क्षेत्र के लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। पुसौर क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य सफेद गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि शंकर अग्रवाल का यह मुहिम ग्रामीण क्षेत्र के कलाकारों को सीधे शासन की महत्वकांक्षी योजनाओं से जोड़ने का है उनके द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्य सदियों तक याद किया जाएगा। रायगढ़ पूर्वांचल क्षेत्र के ग्राम कुकुर्दा के वरिष्ठ नागरिक ऋषिकेश गुप्ता ने मन से आम जनों को संबोधित करते हुए बताया कि शंकरलाल द्वारा चलाया गया अभियान केवल आज के लिए नहीं है उनका जनहित में किया जा रहा है यह कार्य आने वाले समय में भी नई पीढ़ी को एक सीख देगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता दीपक मंडल ने बताया कि यह मुहिम ग्रामीण स्तर पर तथा सनातन संस्कृति से जुड़े कीर्तन मंडली के कलाकारों को सीधे शासन से जोड़ने कार्य है। वही कार्यक्रम का मंच संचालन करते हुए त्रिभौना के प्रेम गुप्ता और महापल्ली के प्रभात मिंज ने कलाकार और हजारों की संख्या में प्रांगण में मौजूद जनसमूह को कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी है।
इतने गांव के कलाकारों ने किया अपने कला का प्रदर्शन
12 और 13 अप्रैल को तरडा में आयोजित तृतीय कीर्तन सम्मेलन में लगभग 24 कीर्तन पार्टियों ने भाग लिया है। जिसमें देवलसुरा, छोटे हल्दी, कोडपाली, त्रिभोना, लारा, कांदागढ़, बोड़ाझरिया, कठानी, लोहाखान, महलोई, आड़मुड़ा, छपोरा, कसाईपाली, सोडेकेला, दर्रीपाली, नवापारा, बासनपाली, गुडू सहित कई गांव के कीर्तन दल के कलाकार शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान सभी कीर्तन दल और कलाकारों ने अपने कला का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान शंकरलाल द्वारा शासन स्तर पर उन्हें जोड़े जाने की अभियान को लेकर कलाकार तथा क्षेत्र के लोगों ने उनका खूब प्रशंसा की है वही कलाकारों ने विश्वास दिलाया है कि जब तक यह मुहिम अपने मंजिल तक नहीं पहुंच जाता तब तक वे सभी शंकर अग्रवाल के साथ खड़े रहेंगे ।
कलाकार और वरिष्ठ नागरिकों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक निरंजन पटेल, आनंद मिश्रा, प्रमोद मिश्रा ,ऋषिकेश गुप्ता, चित्रसेन मिश्रा, चितरंजन भोय, हरिहर राजपूत, बुधराम गुप्ता, रमेश प्रधान, वेद व्यास पटेल, लक्ष्मी कांत मिश्रा ,देवचंद राणा, खेमासागर मौर्य, दूरवाषा मिश्रा, कुकुर्दा के मंगल प्रसाद गुप्ता, पितवास गुप्ता ,महेश गुप्ता , लोइंग के तेजराम गुप्ता, बासनपाली के चंद्रमणि गुप्ता सहित 24 कीर्तन मंडलियों के गायक वाहक और दल अध्यक्ष सहित गांव के कलाकारों को फूल माला गमछा व श्रीफल आदि भेंट कर मंच पर सम्मानित किया गया।






