
प्राचार्य डॉ पी एल पटेल ने स्वदेशी अपनाने के लिए संकल्प दिलाई
रायगढ़:- शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ से संबद्ध बटमूल आश्रम महाविद्यालय साल्हेओना महापल्ली के प्राचार्य डॉ. पी एल पटेल जी, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो पी के कापड़ी एवं प्रो पी के गुप्ता के मार्गदर्शन तथा रासेयो कार्यक्रम अधिकारी तथा रेड रिबन एवं रेड क्रॉस प्रभारी डॉ के के गुप्ता के कुशल नेतृत्व में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा 12 जनवरी 2026 को महाविद्यालय परिसर में स्वामीववेकानंद जी के जन्मदिन “राष्ट्रीय युवा दिवस” के अवसर पर “स्वदेशी संकल्प दौड़” का आयोजन किया गया। रासेयो कार्यक्रम अधिकारी, रेड रिबन एवं रेड क्रॉस प्रभारी डॉ के के गुप्ता ने स्वामीववेकानंद जी के जीवनी पर आधारित उनके आदर्शों को बताते हुए स्वदेशी की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा ‘अपने देश का’ या ‘अपने देश में निर्मित वस्तुओं, नीतियों और विचारों का उपयोग’ करना है, जो आत्मनिर्भरता, आर्थिक सशक्तिकरण और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देता है। तत्पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ पी एल पटेल ने उपस्थित स्टाफ एवं स्वयंसेवकों को युवा संकल्प की सामूहिक शपथ दिलाई। आगे उन्होंने कहा की स्वदेशी केवल ‘मेड इन इंडिया’ का नारा नहीं, बल्कि अपने देश के प्रति विश्वास, समर्थन और योगदान की एक गहरी भावना है, जो देश को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाती है। स्वामी विवेकानंद जयंती हर वर्ष 12 जनवरी को मनाई जाती है और इसी दिन पूरे भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day) भी मनाया जाता है। इस वर्ष हम उनकी 164वीं जयंती मना रहे हैं। भारत सरकार ने वर्ष 1984 में स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस घोषित किया था। इसका मुख्य कारण यह था कि विवेकानंद के विचार, दर्शन और जीवन आदर्श देश के युवाओं को प्रेरित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने युवा शक्ति को राष्ट्र-निर्माण का सबसे बड़ा स्तंभ माना था और कहा था – “युवा वह शक्ति है जो असंभव को संभव में बदल सकती है।” इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ पी एल पटेल, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो पी के कापड़ी, प्रो पी के गुप्ता, डॉ विक्रांत गुप्ता, रासेयो कार्यक्रम अधिकारी डॉ. के के गुप्ता, डॉ गीता देवांगन, प्रो नीलकंठ निषाद, प्रो स्मिता पण्डा, प्रो लक्ष्मीन खड़िया, प्रो सुधा पटेल, निशांत पण्डा, त्रिलोचन बरेठ, यमुना मेहर, सुमन किसान, सुशीला यादव एवं महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही।






