
‘साहित्य क्या है और उसे क्यों पढ़ा जाना चाहिए’- रमेश कुमार शर्मा
गणतंत्र दिवस के अवसर पर वार्षिकोत्सव का आयोजन
रायगढ़:- राष्ट्रीय त्यौहार गणतंत्र दिवस हमें अपने संविधान का सम्मान करने की याद दिलाता है। यह हमें एक बेहतर भारत बनाने के लिए काम करने के लिए भी प्रेरित करता है। इस वर्ष 77वां गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर पूरे भारतवर्ष में स्कूल कॉलेज एवं अन्य संस्थाओं में विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में रायगढ़ के पूर्वांचल में स्थित बटमूल आश्रम महाविद्यालय साल्हेओना महापल्ली में गणतंत्र दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें खेल, कला, साहित्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इन विधाओं का हुआ आयोजन – वार्षिकोत्सव के अवसर पर खेलकूद के अंतर्गत कुर्सी दौड़, साहित्यिक कार्यक्रम के अंतर्गत कवितापाठ, निबंध प्रतियोगिता, कला विधा – गीत गायन, रंगोली, मेहंदी, पाक कला, सलाद सज्जा, बौद्धिक- सामान्य ज्ञान, तात्कालिक भाषण, विज्ञान- सामान्य गणित, रीजनिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत एकल नृत्य, युगल नृत्य, समूह नृत्य, लोक नृत्य, गीत संगीत, विविध वेश भूषा, मिमिक्री, एकांकी, अभिनय।
कार्यक्रम के अतिथि:- वार्षिकोत्सव के प्रथम दिवस साहित्यिक कार्यक्रम के मुख्य अतथि श्री रमेश कुमार शर्मा(साहित्यकार, प्राचार्य शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल जामगांव) विशिष्ट अतिथि श्री टीकाराम प्रधान पूर्व जनपद सदस्य रायगढ़, महाविद्यालय संचालन समिति के चेयरमेन श्री एन आर प्रधान, श्री रामावतार अग्रवाल, श्री टेकचंद्र गुप्ता। सांस्कृतिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमती सुजाता शुकलाल चौहान (अध्यक्ष जनपद पंचायत रायगढ़), विशिष्ट अतिथि शुकलाल चौहान (सदस्य, जनपद पंचायत रायगढ़), श्रीमती तपस्विनी किसान (सरपंच, ग्राम पंचायत महापल्ली), श्रीमती मीनाक्षी गुप्ता (सरपंच, ग्राम पंचायत लोईंग)।
इन्होंने दिया उद्बोधन- सर्वप्रथम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ पी एल पटेल ने स्वागत उद्बोधन दिया। चेयरमेन श्री एन आर प्रधान ने आशीर्वचन प्रदान किया, मुख्य अतिथि के आसंदी पर विराजमान प्रसिद्ध साहित्यकार, लेखक एवं कहानीकार रमेश कुमार शर्मा ने कहा ‘साहित्य क्या है और उसे क्यों पढ़ा जाना चाहिए’ इस बिषय पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि साहित्य जीवन की पूर्ण अभिव्यक्ति है ऐसा हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा था जबकि मैथली शरण गुप्त साहित्य को समाज का दर्पण मानते थे। उन्होंने इन संदर्भों को विस्तार पूर्वक समझाने के लिए प्रेमचंद की दो कहानियों नमक का दरोगा और ईदगाह पर कुछ गम्भीर और तथ्यात्मक बातें रखीं। रचनाकार साहित्य लेखन के जरिये कोई ऐसा दर्पण निर्मित करे जिसमें समाज का ठीक ठीक चेहरा दिखाई दे तो उस लेखन की सार्थकता आज भी है। प्रेमचंद का जिक्र करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि लेखन से जीवन मूल्यों के पुनरस्थापन को भी नई दिशा मिलती है और जीवन संपूर्ण रूप में अभिव्यक्त होता है। ईदगाह कहानी इसका प्रमाण है”। श्रीमती सुजाता शुकलाल चौहान (अध्यक्ष जनपद पंचायत रायगढ़), विशिष्ट अतिथि शुकलाल चौहान (सदस्य, जनपद पंचायत रायगढ़),श्री टीकाराम प्रधान पूर्व जनपद सदस्य रायगढ़, श्रीमती तपस्विनी किसान (सरपंच, ग्राम पंचायत महापल्ली), श्रीमती मीनाक्षी गुप्ता (सरपंच, ग्राम पंचायत लोईंग) ने अपना-अपना विचार व्यक्त किये।
प्रतिभागियों को मिला पुरस्कार- तीन दिवसीय वर्षिकोत्सव में आयोजित विधाओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार दिया गया। जिसमें खेलकूदम के अंतर्गत कुर्सी दौड़ में प्रथम पुष्पांजलि साहू, द्वितीय सुमन सिदार, कविता पाठ में प्रथम सविता गुप्ता, द्वितीय अंजू साव, निबंध प्रतियोगिता में प्रथम अंजू साव, द्वितीय अंजलि चौहान, रंगोली में प्रथम सुनंदा विश्वाल एवं सिमरन खातून ,द्वितीय आस्था साहू एवं प्रकृति सा, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम अंजू साव, द्वितीय निजु दास, रीजनिंग में प्रथम दीप्ति गुप्ता, पाक कला में प्रथम कविता सा, मीना सा द्वितीय दीप्ति गुप्ता, सलाद सज्जा में प्रथम वेदमति सा द्वितीय दीपिका मालाकार,
तात्कालिक भाषण में प्रथम अंजू साव, द्वितीय दीप्ति गुप्ता।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत एकल नृत्य में प्रथम सुनंदा विश्वाल, द्वितीय खुशी मेहरा, युगल नृत्य में प्रथम विक्की पाव एवं कल्पना संवरा, द्वितीय यमुना किसान एवं गंगा किसान, समूह नृत्य में प्रथम सविता गुप्ता एवं साथी, द्वितीय आकाश चौहान एवं साथी, एकल गीत में प्रथम रीति खड़िया, पुष्पांजलि साहू ,द्वितीय यमुना किसान, युगल गीत में प्रथम अंजू साव एवं यमुना किसान, एकांकी में प्रथम स्थान मीना सा एवं साथी, नाटक एवं अभिनय में प्रथम कविता सा, दिप्ती गुप्ता, कविता गुप्ता , मीना सा, पुष्पांजलि साहू, रितेश बेहेरा, सुनंदा विश्वाल एवं साथी ने प्राप्त किया।
संचालन एवं आभार- कार्यक्रम का सफल सचालन वार्षिकोत्सव के संयोजक वरिष्ठ प्रध्यापक प्रो पी के कापड़ी ने किया एवं रासेयो कार्यक्रम अधिकारी तथा रेड रिबन एवं रेड क्रॉस प्रभारी डॉ के के गुप्ता ने आभार व्यक्त एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।
छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मान- महाविद्यालय में सत्र 2024-25 वार्षिक परीक्षा में सभी कक्षाओं के टॉपर छात्र-छत्राओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कु. प्रीति गुप्ता, दुष्यंत चौहन, आकृति राणा, गायत्री सिदार, योगिता सा, सरोजिनी साव।
इनकी रही उपस्थिति- मंचासीन अतिथियों के अलावा महाविद्यालय संचालन समिति के उपाध्यक्ष सुबोध कुमार पंडा, सचिव दशरथ गुप्ता, सदस्य टेकचंद्र गुप्ता, आनंद राम प्रधान, राजेश किसान, श्रीमती शांतिबाई चौहान, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ पी एल पटेल, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो पी के कापड़ी, प्रो पी के गुप्ता, डॉ विक्रांत गुप्ता, रासेयो कार्यक्रम अधिकारी डॉ. के के गुप्ता, डॉ गीता देवांगन, प्रो नीलकंठ निषाद, प्रो प्रज्ञा विश्वाल, प्रो स्मिता पण्डा, प्रो लक्ष्मीन खड़िया, प्रो सुधा पटेल, निशांत पण्डा, त्रिलोचन बरेठ, यमुना मेहर, सुमन किसान एवं महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही।






