भातमाहूल राशन दुकान के संचालनकर्ता विजय चंद्रा ने 142 क्विंटल चावल गबन कर किया बंदरबट,पूर्व में 59 क्विंटल चावल की कमी पाई जाने पर किया गया था निलंबित

अभी दो माह में 83 क्विंटल चावल की फिर गबन कर शासन को पहुंचाया आर्थिक क्षति
सक्ती ब्यूरो अवधेश टंडन। ग्राम पंचायत भातमाहूल में स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में अनियमितताओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एजेंसी निलंबन के बाद भी न तो नियमों का पालन किया गया और न ही जिम्मेदारों ने प्रभार सौंपने में रुचि दिखाई। दुकान के संचालक विजय चन्द्रा द्वारा अब तक प्रभार नहीं सौंपा जाना प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना किया जा रहा था अपने आप को कांग्रेस दल का बड़ा नेता समझता है मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य अधिकारी, ग्रामीणों, सरपंच एवं उपसरपंच की उपस्थिति में पुनः जांच की गई। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि सिर्फ दो माह की अवधि में 83 क्विंटल चावल की कमी पाई गई है। इससे पहले भी इसी दुकान में 59 क्विंटल चावल की कमी उजागर हो चुकी है उसके बाद निलंबित कर दिया गया था , जिससे कुल मिलाकर भारी मात्रा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के चावल गबन की आशंका गहराती जा रही है।जांच के दौरान खाद्य अधिकारी द्वारा संचालक विजय चन्द्रा से दूरभाष पर संपर्क किया गया। फोन रिसीव होने पर संचालक ने बताया कि वह अन्य स्थान पर है और फिलहाल मौके पर नहीं आ सकता। संचालक की अनुपस्थिति में ही पंचनामा एवं जांच की प्रक्रिया पूरी की गई। संचालक के मौके पर उपस्थित नहीं होने पर अंततः ग्राम पंचायत भातमाहूल को राशन दुकान का प्रभार सौंप दिया गया, ताकि हितग्राहियों को चावल वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए 59 क्विंटल की गड़बड़ी में पूर्व में भी किया गया निलंबित भातमाहुल के हितग्राहियों ने पूर्व में सक्ती कलेक्टर और एसडीएम को शिकायत किया गया था वहीं ग्रामीणों का आरोप था कि माह में 5 से 6 दिन पीडीएस दुकान को खोला जाता है और जिससे हितग्राही काफी परेशान होते थे और जब हितग्राही संचालक कर्ता विजय चंद्रा को पीसीएस दुकान खोलने की बात करते तो हितग्राहियों को अभद्र पूर्वक गाली गलौज करता था, नहीं दूंगा चावल जो करना है कर लेना मेरे कुछ उखाड़ नहीं पाओगे मैं कांग्रेस का महा सचिव हूं, इस प्रकार विजय चंद्रा का मनमानी चरम सीमा पर था वहीं ग्रामीणों के शिकायत के बाद जांच करने पहुंचा तो 59 क्विंटल चावल गबन पर शासन द्वारा अपराध दर्ज नहीं कराया गया आखिर कौन करेगा भरपाईअब कई अहम सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में पाए गए चावल की भरपाई कौन करेगा? क्या शासन द्वारा इसकी वसूली दोषियों से की जाएगी या फिर केवल समिति बदल देने से ही मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा?अब तक नही हुई है भरपाईबता दे कि पूर्व में 40 क्विंटल का कमी और ग्रामीणों के शिकायत पर भौतिक सत्यापन करने पर 59 क्विंटल चावल की कमी फिर अभी 2 माह में 83 क्विंटल चावल की कमी पाई गई है जहां शासन ने केवल समितियां बदलीं, लेकिन न तो चावल की भरपाई हुई और न ही दोषियों पर एफआईआर दर्ज की गई वही अब हितग्राहियों की मांगे है कि भातमाहूल पीडीएस दुकान संचालन कर्ता विजय चंद्रा पर कानूनी कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज की मांग की जा रही है






