
सारंगढ़-बिलाईगढ़// तहसील सरिया के ग्राम कटंगपाली-अ स्थित आशीष गोयल माइंस में फ्लाईऐश से कथित अवैध भू-भराव का मामला सामने आया है। पंचायत पदाधिकारियों का आरोप है कि माइंस के गड्ढों में फ्लाईऐश से भू-भराव के लिए जारी की गई अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) को पंचायत स्तर पर पहले ही खारिज किया जा चुका है। इसके बावजूद कथित तौर पर माइंस में फ्लाईऐश पाटने का काम जारी है।मामले को लेकर बुधवार को कटंगपाली-अ की सरपंच पुष्पा मिरी के नेतृत्व में पंचों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू से मिला और पूरे मामले की शिकायत की। पंचायत पदाधिकारियों ने प्रशासन से कथित अवैध भराव पर तत्काल रोक लगाने के साथ मौके की जांच कराने की मांग की।16 जनवरी 2025 को जारी हुई थी NOCपंचायत पदाधिकारियों के अनुसार, फ्लाईऐश से भू-भराव के लिए तत्कालीन पंचायत पदाधिकारियों द्वारा 16 जनवरी 2025 को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया था।

उनका कहना है कि निर्धारित अवधि में काम शुरू नहीं होने के कारण 25 मार्च 2026 को पंचायत ने उक्त NOC को खारिज कर दिया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि NOC खारिज होने के बाद भी माइंस के गड्ढों में फ्लाईऐश भरने का काम मनमाने तरीके से जारी रखा गया। इसी को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने अब प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।घरों के आसपास फ्लाईऐश डंपिंग से परेशानी का दावापंचायत पदाधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि माइंस के आसपास ग्रामीणों के घरेलू मकान मौजूद हैं। उनका आरोप है कि फ्लाईऐश डंपिंग के दौरान उड़ने वाली धूल से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा फ्लाईऐश लेकर आने वाले भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क पर वाहनों की कतार को लेकर भी पंचायत प्रतिनिधियों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्र में दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की मौके पर जाकर जांच कराने की मांग की है।पंचायत ने पूछा- NOC खारिज होने के बाद किस अनुमति से भराव?पंचायत पदाधिकारियों का मुख्य सवाल यही है कि जब भू-भराव के लिए पंचायत द्वारा जारी NOC को 25 मार्च 2026 को खारिज किया जा चुका है, तो उसके बाद माइंस में फ्लाईऐश भराव किस अनुमति के आधार पर किया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि फ्लाईऐश भराव के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। साथ ही यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।कलेक्टर ने जांच और रोक का दिया भरोसाशिकायत लेकर पहुंचे पंचायत पदाधिकारियों ने कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। शिकायत पर कलेक्टर ने जल्द ही रोक लगाने का आश्वासन दिया है। अब प्रशासन की कार्रवाई और जांच पर सबकी नजर है। विशेष रूप से यह जांच अहम होगी कि NOC खारिज होने के बाद फ्लाईऐश भराव किस आधार पर किया जा रहा था और इसके लिए किसी अन्य सक्षम विभाग से अनुमति प्राप्त थी या नहीं।खनिज विभाग भी करेगा मामले की जांचपंचायत पदाधिकारियों ने मामले की जानकारी सहायक खनिज अधिकारी बजरंग सिंह पैकरा को भी दी है। आशीष गोयल माइंस में कार्रवाई को लेकर खनिज अधिकारी ने कहा कि माइंस जीवित है, इसलिए मामले की विधिवत जांच कराई जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की बात कही गई है। ऐसे में अब प्रशासन और खनिज विभाग की जांच से ही स्थिति स्पष्ट होगी कि माइंस में किया जा रहा फ्लाईऐश भराव नियमों और संबंधित अनुमतियों के अनुरूप है या नहीं।मौके की जांच की मांग पर टिकी ग्रामीणों की नजरशिकायत के बाद अब पूरे मामले में दो अहम बिंदुओं पर प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी, NOC खारिज होने के बाद भराव किस अनुमति से जारी रहा और ग्रामीण आबादी के आसपास फ्लाईऐश डंपिंग के लिए क्या वैधानिक अनुमति थी। पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग की है कि जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रशासनिक और खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करे। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि शिकायत के बाद प्रशासन मौके पर क्या जांच करता है और जांच के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होती है।






